गैंगस्टर के नाम से रिटर्निंग अफसर को धमकी: नामांकन रद्द करने का दबाव
पंजाब में पंचायत चुनावों के दौरान एक अजीबोगरीब घटना घटी है, जिसमें जेल में बंद गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया ने चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का प्रयास किया। यह मामला तब सामने आया जब उसने ग्राम पंचायत किला दर्शन सिंह के उम्मीदवार के नामांकन को रद्द करवाने के लिए बटाला ब्लॉक के रिटर्निंग अधिकारी (आरओ) पुरुषोत्तम सिंह को धमकी भरे फोन किए। 5 अक्टूबर की सुबह, सरकारी अधिकारी पुरुषोत्तम सिंह को एक विदेश से व्हाट्सएप कॉल मिली, जिसे उन्होंने नजरअंदाज कर दिया। इसके अगले दिन फिर से वही नंबर से कॉल आना शुरू हो गया।
जब पुरुषोत्तम सिंह ने फोन रिसीव किया, तो उन्होंने खुद को जग्गू भगवानपुरिया के रूप में पहचानने वाले व्यक्ति को सुनकर चौंक गए। फोन करने वाले ने स्पष्ट रूप से धमकी दी कि अगर ग्राम पंचायत में चल रहे चुनावी नामांकन में एक निर्दिष्ट उम्मीदवार के दस्तावेज़ को तुरंत रद्द नहीं किया गया, तो गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। उसने कहा कि यह उसका अंतिम फोन है और वो इस मामले पर दोबारा संपर्क नहीं करेगा। इस धमकी से घबरा कर पुरुषोत्तम सिंह ने तुरंत इस मामले की सूचना पुलिस को दी।
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ने की प्रक्रिया शुरू की। आरोपित के फोन नंबर की जांच की गई, जिससे पुलिस ने जल्दी ही बलविंदर सिंह नाम के एक व्यक्ति तक पहुंच बनाई, जो कि गांव गिल्लावाली का निवासी है। डीएसपी संजीव कुमार ने बताया कि पुलिस की तकनीकी शाखा ने इस व्यक्ति को पकड़ने में सफलता प्राप्त की है और उससे पूछताछ की जा रही है। इस मामले के पुलिस द्वारा उठाए जा रहे कदम बड़ी गंभीरता से लिए जा रहे हैं, ताकि आने वाले समय में इस तरह के अपराध रोकने के लिए उचित कार्रवाई की जा सके।
पंजाब के पंचायत चुनावों के लिए जारी इस प्रक्रिया में, ऐसे मामलों का सामना करना एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। चुनावी प्रक्रिया को सही तरीके से जारी रखने के लिए प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण है। इस मामले में, पुलिस ने संज्ञान लिया है और प्रयास कर रही है कि भविष्य में ऐसे किसी अन्य स्थिति की पुनरावृत्ति न हो। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारियों और सेना के बीच सहयोग आवश्यक है, ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चल सके।
इसी के साथ, इसे लेकर आम जनता में भी जागरूकता बढ़ने की आवश्यकता है, ताकि वे ऐसे उदाहरण से सीख लेते हुए चुनावों में अपनी भागीदारी और मतदान की प्रक्रिया को समझें। इस गंभीर घटना ने यह फिर से साबित कर दिया है कि चुनावी प्रक्रिया में अनुशासन और शांति बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है।









