पंजाब CM का सख्त निर्देश: किसानों की सहूलत के लिए मंडियों की रोजाना जांच अनिवार्य
पंजाब में धान की खरीद प्रक्रिया के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सभी जिलों के उपायुक्तों (डीसी) को मंडियों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी डीसी को प्रतिदिन 7 से 8 मंडियों का दौरा करना होगा और साथ ही उन्हें अपनी निरीक्षण रिपोर्ट सीएम को प्रतिदिन प्रस्तुत करनी होगी। सीएम ने यह भी कहा है कि किसानों को मंडियों में किसी भी प्रकार की कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इससे पहले, सीएम ने आढ़तियों के साथ इस विषय पर एक बैठक भी की थी, जिसमें उन्होंने धान की खरीद के संबंध में गंभीरता से चर्चा की थी।
बैठक का आयोजन चंडीगढ़ में सीएम निवास पर हुआ था, जहां आढ़तियों ने सीएम की बातों पर सहमति जताते हुए फसलों की खरीद जारी रखने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जालंधर जाते समय खुद कृषि मंडियों का निरीक्षण किया और फसलों की खरीद की स्थिति का जायजा लिया। इससे यह स्पष्ट था कि सीएम किसानों के हितों के प्रति अपने दायित्वों को गंभीरता से ले रहे हैं।
सीएम की आढ़तियों के साथ आयोजित बैठक में ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि) के बकाया 50 करोड़ रुपये के मुद्दे पर भी विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले को शीघ्रता से निपटाया जाएगा और यदि आवश्यक हुआ, तो पंजाब सरकार एफसीआई (फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) के खिलाफ कानूनी लड़ाई भी लड़ने के लिए तैयार है। उन्होंने आढ़तियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जाएगा और सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
कृषि मंत्री गुरमीत सिंह ने बैठक के बाद मीडिया के सामने कहा कि यह बैठक सकारात्मक माहौल में हुई थी, जो दिखाता है कि सरकार और आढ़तियों के बीच संवाद का एक अच्छा रास्ता स्थापित हो रहा है। मंत्री ने बताया कि सरकार किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए सभी संभव प्रयास किए जाएंगे।
इस प्रकार, पंजाब सरकार ने इस बार फिर से धान की खरीद में बरती जा रही सजगता और किसानों के हितों की सुरक्षा की दिशा में अपने प्रयासों को उल्लेखनीय बनाया है। सीएम भगवंत मान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सरकार किसानों के साथ है और उनकी समस्याओं का समाधान सर्वोपरि है। अगले चरण में, यह देखना होगा कि सरकार की ये पहलकदमी किसानों के लिए कितनी कारगर साबित होती हैं और यदि किसी विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है, तो उसे कैसे पार किया जाएगा।









