पंजाब पंचायत चुनाव में AAP उम्मीदवार को गोली: MLA ने अकाली दल पर लगाया आरोप!
पंजाब में पंचायत चुनावों के दौरान फाजिल्का जिले के जलालाबाद से एक गंभीर घटना की खबर सामने आई है। शनिवार की शाम को यहां ब्लॉक डेवलपमेंट एंड पंचायत ऑफिसर (BDPO) के दफ्तर में आम आदमी पार्टी (AAP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के कार्यकर्ताओं के बीच हुई भिड़ंत के चलते फायरिंग की घटना घटित हुई। इस घटना में AAP के सरपंच उम्मीदवार मनदीप बराड़ के सीने में गोली लग गई। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद DMC अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है। AAP के नेताओं का आरोप है कि सरपंच उम्मीदवार को घायल करने के पीछे SAD नेताओं का हाथ है।
जलालाबाद के AAP विधायक गोल्डी कंबोज के अनुसार, नामांकन पत्र दाखिल करने के चलते स्क्रूटनी के दौरान यह घटना हुई। SAD के नेता नोनी मान और उनके समर्थक BDPO दफ्तर पहुंचे थे, जहां पहले से ही AAP के कार्यकर्ता मौजूद थे। वहां मनदीप बराड़ और नोनी मान के समर्थकों के बीच बहस शुरू हुई। प्रारंभ में यह बहस मौखिक थी, लेकिन जल्द ही हाथापाई में बदल गई। इस दौरान गोलीबारी हुई, जिससे स्थिति और खराब हो गई। पुलिस इस मामले की जांच के लिए CCTV फुटेज खंगाल रही है।
गोल्डी कंबोज ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिलने पर वे मौके पर पहुंचे, जहां उन्हें पता चला कि नोनी मान ने गोली चलाई है। उन्होंने इस घटना को बेहद निंदनीय बताया और कहा कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। फाजिल्का के SSP वरिंदर सिंह बराड़ भी जलालाबाद के सरकारी अस्पताल में घटना की जानकारी लेने पहुंचे और स्पष्ट किया कि कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा।
इस घटना के बाद AAP के प्रवक्ता नील गर्ग ने भी अपनी राय सांझा की। उन्होंने कहा कि यह घटना बताती है कि कौन राजनीतिक माहौल को बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक विरोधी AAP को बदनाम करने की कोशिशों में जुटे हुए थे, और अब यह स्पष्ट हो गया है कि असामाजिक तत्व किस तरह की गतिविधियों में लिप्त हैं। उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास जताया और कहा कि ये घटनाएं AAP के इरादों को कमजोर नहीं करेंगी।
इस विवादित घटना ने पंजाब में पंचायत चुनावों के माहौल को और भी गर्म कर दिया है, जहां राजनीतिक दल आपस में एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। अब यह देखना होगा कि पुलिस की ओर से इस मामले में क्या कार्रवाई की जाती है और क्या ऐसे राजनीतिक विवादों के बीच शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न हो पाते हैं।









