अमृतसर में सांसद का धरना: कांग्रेस कार्यकर्ता भड़के, बोले– सरकार के दबाव में चुनाव अधिकारी!
15 अक्तूबर को होने वाले पंचायती चुनावों की तैयारियों के बीच अमृतसर से सांसद गुरजीत सिंह औजला ने बीडीपीओ कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। जब वे ब्लॉक वेरका के रानी का बाग स्थित दफ्तर पहुंचे, तो वहां सेक्रेटरी नदारद थे। सांसद औजला ने कांग्रेस नेता आदि के साथ मिलकर दफ्तर के बाहर धरना शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि राज्य सरकार के दबाव में कार्यरत अधिकारी लोग आम जनता के साथ अन्याय कर रहे हैं। सांसद ने कहा कि सुबह से दीवाने लोग दफ्तर में आ रहे हैं, लेकिन सेक्रेटरी की अनुपस्थिति के कारण उन्हें चूल्हा टैक्स की रसीद नहीं मिल पा रही है।
सांसद ने यह भी बताया कि मतदान सूचियों में कई समस्याएं हैं, जैसे कि कई वोटरों के नाम हटा दिए गए हैं, जबकि कुछ लोग जो अब इस दुनिया में नहीं हैं, उनके नाम अभी भी सूची में मौजूद हैं। जब लोग इन मुद्दों के समाधान के लिए बीडीपीओ कार्यालय पहुंचते हैं, तब अधिकारी वहां नहीं पाए जाते। विभिन्न ब्लॉकों से शिकायतें आती हैं, जो सभी में समान हैं। इस दौरान औजला ने कहा कि सभी अधिकारी इस समय चुनाव आयोग के तहत कार्य कर रहे हैं। धरने का समापन तब हुआ जब एसडीएम वहां पहुंचे, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो एक बड़ा धरना आयोजित किया जाएगा।
गुरजीत सिंह औजला ने आगे कहा कि सरकार का दावा है कि चुनाव निष्पक्ष और बिना भेदभाव के होंगे, लेकिन उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विधायकों को बिना किसी सूचना के चुनाव अधिकारी बना दिया गया है, जो पूरी तरह से तानाशाही है। उन्होंने विशेष रूप से अमृतसर के संदर्भ में बताया कि लगभग 50,000 वोट काट दिए गए हैं। कई गाँवों में वर्तमान सरपंचों की वोट भी काटी गई है। उन्होंने उदाहरण दिया कि 2017 की वोटर सूची के अनुसार एक गाँव में 1945 वोट थे, लेकिन 2023 की सूची में यह आंकड़ा घटकर 945 रह गया है। इस स्थिति के लिए कोई भी अधिकारी सक्रियता से उपस्थित नहीं होता, जिससे लोग निराश हैं और परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
सांसद औजला के साथ कई प्रमुख नेता जैसे पूर्व विधायक सुनील दत्ती, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन दिनेश बस्सी और पूर्व पार्षद विकास सोनी भी उपस्थित थे। इन नेताओं ने करीब तीन घंटे तक बीडीपीओ कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया और पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। धरना समाप्त होने के बाद, एसडीएम के सामने औजला ने इस बात की चेतावनी दी कि यदि लोगों की समस्याओं का हल नहीं निकाला गया, तो वे डीसी का घेराव करेंगे और आम जनता को अकेला नहीं छोड़ेंगे। इस प्रकार, सांसद और उनके समर्थक समस्याओं के समाधान के लिए लगातार सक्रिय हैं और सरकार से उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।









