कपूरथला: बिजली के तार से करंट लगने पर किसान की दर्दनाक मौत!
पंजाब के कपूरथला जिला स्थित लक्खन कलां गांव में आज सुबह एक दुखद घटना घटी, जिसमें एक किसान की करंट लगने से जान चली गई। यह घटना उस समय हुई जब किसान साबी (50 वर्ष) अपने खेत में चारे की कटाई कर रहा था। पुलिस को घटना की सूचना प्राप्त होते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और उन्होंने शव को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच की शुरुआत की। साबी, अर्जुन सिंह का पुत्र, पत्ती खिजरपुर गांव का निवासी था।
सदर थाना की SHO सोनामदीप कौर ने इस घटना के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार की सुबह करीब नौ बजकर तीस मिनट पर उन्हें सूचना मिली कि साबी चारा काटते समय करंट लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया है। पुलिस टीम के ASI निरवैर सिंह ने घटना स्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर आवश्यक जांच प्रक्रियाएं शुरू कीं। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि साबी के खेत के निकट स्थित बिजली के खंभे की एक तार रात में टूटकर गिर गई थी।
जब साबी सुबह खेत में चारा काट रहा था, तभी वह उस टूटे तार की चपेट में आ गया, जिसके परिणामस्वरूप उसे करंट लगा। जानकारी के अनुसार, करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना किसानों के लिए एक गंभीर चेतावनी है, क्योंकि ऐसे हादसे कृषि कार्य करते समय सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते हैं। सोनामदीप कौर ने यह भी बताया कि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल के शवगृह में रखा गया है, ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया को पूरा किया जा सके।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मृतक के परिजनों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी तथ्यों को एकत्र कर उचित कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवार को न्याय प्रदान किया जाएगा। इस दुर्घटना ने न केवल गांव में शोक का माहौल बनाया है, बल्कि ग्रामीण समुदाय में बिजली सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का भी एक अवसर प्रदान किया है। किसानों को अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी दु:खद घटनाओं से बचा जा सके।
इस प्रकार की घटनाएं यह इंगित करती हैं कि खेतों में काम करते समय सतर्क रहने की कितनी आवश्यकता है। सभी संबंधित विभागों को चाहिए कि वे बिजली की तारों और अन्य खतरनाक उपकरणों की सुरक्षा को लेकर उचित कदम उठाएं, ताकि किसानों की जान की हिफाज़त की जा सके। यह घटना यह भी दर्शाती है कि इन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है, ताकि किसानों को सुरक्षित काम करने का वातावरण मिल सके।









