तीन सिद्धांतों से 25 फीसदी जापानी होते हैं शतायु : रवि प्रकाश
तीन सिद्धांतों से 25 फीसदी जापानी होते हैं शतायु : रवि प्रकाश
प्रयागराज, 09 सितम्बर (हि.स.)। इलाहाबाद मैनेजमेंट एसोसिएशन द्वारा ‘ईकिगाई : लम्बे जीवन, खुशी और आत्म प्रबंधन का जापानी रहस्य’ पर एक प्रबंधन वार्ता का आयोजन किया गया। ’बिग स्किल्स’ के सीईओ रवि प्रकाश ने बताया कि जापानी लोग तीन सिद्धांतों का पालन कर 25 फीसदी शतायु होते हैं।
वक्ता रवि प्रकाश ने अपनी प्रस्तुति में सदस्यों को जापानी लोगों के लम्बे जीवन के रहस्यों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि दुनिया की सबसे बुजुर्ग जीवित व्यक्ति एक जापानी महिला थी। उनकी उम्र 116 साल 90 दिन थी। 25 प्रतिशत जापानी शतायु हैं।
जापानी लोग तीन बुनियादी सिद्धांतों का पालन करते हैं जो उनकी लम्बी उम्र का कारण है। वे तब तक खाते हैं जब तक उनका पेट 80 प्रतिशत भर न जाए, भोजन छोटी प्लेटों में परोसा जाता है और उनका मुख्य आहार बैंगनी शकरकंद है। वे समूह के साथ जीवन का भरपूर आनंद लेते हैं। उनके जीवन का उद्देश्य और सक्रिय रूप से काम करना है। वहां की जलवायु भी उनके लम्बे जीवन का एक कारक है।
उन्होंने बताया कि रीबी समूह है जो एक परिवार की तरह व्यवहार करता है और समूह की बुनियादी जरूरतों का ख्याल रखता है। शतायु लोगों की अपनी ‘ईकिगाई’ होती है। उनके जीवन का उद्देश्य और सक्रिय रूप से काम करना होता है। उपोष्ण कटिबंधीय जलवायु भी उनके लम्बे जीवन का एक कारक है।
कार्यक्रम के आरम्भ में इलाहाबाद मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष ओ.पी.गोयल ने सबका स्वागत किया एवं वक्ता का परिचय दिया। सचिव अपूर्व आगा ने संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष डॉ. शान्ति चौधरी ने किया। प्रोफेसर के के भूटानी, डी.यू.गुप्ता, संजय पाठक,आनंद कक्कड़, डॉ. विनीता विश्वकर्मा, रत्नेश दीक्षित, डॉ. नवनीत सिंह, अनुपम कुमार, राकेश अग्रवाल, आलोक साह, विभव बाजपेयी व अन्य लोग उपस्थित रहे।
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