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पूर्व छात्रा से बलात्कार मामले में डीयू प्रोफेसर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर । पटियाला हाउस काेर्ट ने अपनी एक पूर्व छात्रा से बलात्कार और उसके आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी देने के मामले में दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। एडिशनल सेशंस जज गोमती मनोचा ने अग्रिम जमानत खारिज करने का आदेश दिया।

प्रोफेसर पर अपनी एक पूर्व छात्रा के साथ बलात्कार करने और उसके आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी देने का आरोप है। न्यायालय ने कहा कि उनके बीच हुई व्हाट्सएप चैट से पता चलता है कि यह मामला केवल आपसी सहमति से बने पुराने रिश्ते का नहीं, बल्कि इसमें जबरदस्ती और डराने-धमकाने की बातें शामिल हैं। न्यायालय ने कहा कि अगर आरोपित को अग्रिम जमानत दे दी जाती है, तो इस बात का बड़ा खतरा है कि वह पीड़िता को प्रभावित कर सकता है या उसे धमका सकता है। साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के साथ छेड़छाड़ होने और पीड़िता को फिर से धमकाने या उस पर दबाव डालने की भी आशंका है।

प्रोफेसर की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने इस मामले की जांच किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया, ताकि निष्पक्ष जांच हो सके और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को सुरक्षित रखा जा सके। न्यायालय ने पुलिस को यह भी जांच करने को कहा कि क्या आरोपित या उसके सहयोगी पीड़िता पर केस आगे न बढ़ाने का दबाव बना रहे हैं।

प्रोफेसर पर आरोप है कि उसने शादी का झांसा देकर उसका कई बार यौन शोषण किया। शिकायतकर्ता महिला की शिकायत के मुताबिक आरोपित ने नशीला पदार्थ देकर उसकी मर्जी के बिना आपत्तिजनक वीडियो बनाए और मांगे नहीं मानने पर उन्हें वायरल करने की धमकी दी।