प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने के लिए पर्यटन की अहम भूमिका : जयवीर सिंह
लखनऊ, 29 सितंबर । उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर बनाने के लिए कार्य कर रही डेलॉयट के प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि जो भी कार्ययोजना तैयार की गई है, उसका परिणाम धरातल पर दिखना चाहिए। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले लगभग 02 वर्षों में संस्था द्वारा संतोषजनक प्रगति नहीं की गई है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि प्रस्तावित कार्ययोजनाओं पर यथाशीघ्र कार्य शुरू हो जाना चाहिए।
पर्यटन मंत्री ने डेलायट संस्था के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि नैमिषारण्य सहित आसपास के अन्य तीर्थ स्थलों पर नाइट विजन कैमरे लगाये जाए। इसके अलावा विन्ध्याचल धाम व चित्रकूट के तीर्थ स्थलों पर कैमरे स्थापित किये जाये, इन कैमरों को 15 नवम्बर तक स्थापित करके दिसम्बर तक चालू स्थिति में लाये जाने का हरसंभव प्रयास किये जाये। इससे पर्यटकों के आगमन की तथ्यात्मक गणना हो सकेगी। इसके अलावा प्रदेश में रेस्टोरेन्ट एवं ढ़ाबों की संख्या भी एकत्रित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के 14 सर्किट के अंतर्गत 60 जनपदों के वास्तविक आंकड़ें तथा पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी के बारे में तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
पर्यटन मंत्री आज यहां गोमतीनगर स्थित पर्यटन भवन के सभागार में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लिए संस्था द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना एवं भविष्य की रणनीतियों पर व्यापक विचार-विमर्श कर रहे थे। इस समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी तथा वरिष्ठ विभागीय अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने डेलॉयट संस्था को निर्देशित किया कि काशी, विध्यांचल धाम तथा नैमिषारण्य में निवेश एवं पर्यटन संसाधनों के प्रचार के लिए कार्ययोजना तैयार की जाये। उन्होंने यह भी कहा कि कार्ययोजना बनाने के साथ ही उसके क्रियान्वयन पर विशेष फोकस करें।
मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन सेक्टर में काफी बदलाव आयें हैं। कानून व्यवस्था के साथ ही कनेक्टिविटी बेहतर की गई है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन के 14 परिपथ मौजूद हैं। इस सर्किट से जुड़े स्थलों का सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों तथा रोड-शो के माध्यम से प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। डेलॉयट संस्था ने बताया कि शीघ्र ही विंध्याचलधाम तथा नैमिषारण्य में पर्यटकों के आगमन तथा उनके अनुभव पर आधारित अभियान चलाया जायेगा। मंत्री ने कहा कि पर्यटकों के गिनती के आंकड़े वास्तविक होने चाहिए।
प्रदेश में मेडिकल सेक्टर पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। राजधानी सहित अन्य बड़े जनपदों में मेडिकल टूरिज्म बढ़ रहा है, इसमें विदेशियों की संख्या भी काफी है। डेलायट कम्पनी ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में 1000 होटलों के मानचित्र स्वीकृत हुए हैं। इन होटलों के अस्तित्व में आने से पर्यटकों का ठहराव बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। संस्था ने यह भी बताया कि महिन्द्रा हॉलीडेज ने वाराणसी और अयोध्या में 500 करोड़ रूपये के निवेश का प्रस्ताव किया है। इसी प्रकार इमैजिका वर्ल्ड इंटरटेनमेंट लि0 ग्रेटर नोयडा में 400 करोड़ रूपये, टक्साल थियेटर वाराणसी में 295 करोड़ रूपये, राजदीप इन्फ्रा एण्ड सेल्स लखनऊ में 200 करोड़ रूपये तथा आईटीसी होटल्स लखनऊ में 350-400 करोड़ रूपये सेवा सेक्टर में निवेश के लिए प्रस्ताव किया है।
इसके अलावा उपलब्ध होटलों में पर्यटकों के ठहरने के लिए कक्षों की संख्या बढ़ाने की रणनीति बनाई जाए। बैठक में बताया गया कि अयोध्या, लखनऊ तथा मथुरा में सर्वाधिक निवेश प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य को प्राप्त करने में पर्यटन एक मजबूत ग्रोथ इंजन की तरह कार्य कर रहा है। इसके लिए बुनियादी ढांचे के विस्तार, निजी निवेश बढ़ाने और पर्यटन सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। नई पर्यटन नीति प्रस्तावित की गई है। उसकों शीघ्र ही अंतिम रूप दे दिया जायेगा।
डेलायट संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि पर्यटकों का आगमन एवं जीएसटी के मद में प्राप्त राजस्व सकारात्मक हैं। इसी प्रकार बड़े स्तरों से जुड़ी सेवाओं तथा पर्यटकों का सहयोग काफी उत्साहवर्धक है। प्रयागराज, अयोध्या, वाराणसी, मथुरा तथा चित्रकूट में सर्वाधिक पर्यटकों का आगमन हुआ, जिसकी वजह से होटलों में ठहरने वाले पर्यटकों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से जून, 2026 तक 58 करोड़ पर्यटक प्रदेश का भ्रमण किये। प्रतिनिधियों ने यह भी बताया कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने के लिए डेलायट पर्यटन सेक्टर को नयी रणनीति के साथ तैयार कर रही है।
मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने डेलॉयट संस्था को निर्देशित किया कि कार्ययोजना के क्रियान्वयन की गति बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटकों के आगमन के आंकड़ें तथ्यपरक होने चाहिए। उन्होंने अयोध्या, चित्रकूट, विन्ध्याचल धाम तथा नैमिषारण्य को लेकर भी बहुमूल्य सुझाव दिये। उन्होंने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने का संकल्प है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में पर्यटन विभाग की बड़ी भूमिका होगी। अपर मुख्य सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने निर्देशित किया कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उठाये गये कदमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।









