जर्जर स्कूल भवनों-पोटा केबिनों को पक्के करने, नई शिक्षक भर्तियों में बस्तर को मिलेगी प्राथमिकता : गजेंद्र यादव
जगदलपुर, 02 सितंबर । छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बस्तर में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का दावा किया है। मौजूदा समय में बस्तर में किस तरह की सुविधाएं बच्चों को मिल रही है, इसके लिए शिक्षा मंत्री बस्तर दौरे पर हैं। शिक्षा मंत्री स्वयं सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा जिलों का दौरा करेंगे। यहां पर वो पोटा केबिन, स्कूल और छात्रावासों का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करके व्यवस्थाओं की समीक्षा भी करेंगे।
आज बुधवार को जगदलपुर पहुंचे शिक्षा मंत्री ने कहा कि, नक्सलमुक्त होने के बाद बस्तर विकास की ओर अग्रसर है। उन्हाेंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी विभागों ने अपना-अपना प्लान बनाया है, इसमें सबसे महत्वपूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य होता है। उन्हाेने कहा कि अलग-अलग कारणों से बंद पड़े स्कूलों को दोबारा शुरू करने की तैयारी की जा रही है, वहीं जर्जर और अति-जर्जर स्कूल भवनों को लेकर भी भारत सरकार के सहयोग से एक योजना तैयार की जा रही है। आने वाले समय में बस्तर के स्कूलों की व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा। पोटा केबिनों को लेकर भी बड़ी योजना तैयार की जा रही है, जिसमें भारत सरकार के सहयोग से पोटा केबिनों को पक्के और स्थायी भवनों के साथ छात्रावास सुविधाओं से जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
शिक्षकों के संलग्नीकरण को लेकर मंत्री ने कहा कि, अब बिना जरूरी प्रक्रिया के संलग्नीकरण नहीं होगा। शिक्षकों को अपने मूल स्कूल में ही पदस्थ रहना होगा। कहीं अधिक आवश्यकता होने पर जिला कलेक्टर के माध्यम से लेटर भेजें, पहले हजारों स्कूल ऐसे थे जहां शिक्षक नहीं थे, लेकिन युक्तियुक्तकरण के जरिए ऐसे स्कूलों में शिक्षकों की व्यवस्था की गई है। वहीं नई शिक्षक भर्तियों में बस्तर को विशेष प्राथमिकता देने और जरूरत के अनुसार अतिथि शिक्षकों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है।










