मोबाइल और डिजिटल तकनीक युवाओं के लिए ताकत भी, चुनौती भी : निवेदिता भिड़े
धनबाद, 22 सितंबर । आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में मंगलवार को आयोजित शताब्दी व्याख्यान में पद्मश्री से सम्मानित और विवेकानंद रॉक मेमोरियल एवं विवेकानंद केंद्र, कन्याकुमारी की अखिल भारतीय अध्यक्ष डॉ. निवेदिता रघुनाथ भिड़े ने युवाओं को मोबाइल और डिजिटल तकनीक के विवेकपूर्ण इस्तेमाल का संदेश दिया।
संस्थान के शताब्दी वर्ष के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने ‘‘उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्त होने तक मत रुको : युवाओं के लिए एक संदेश’’ विषय पर विद्यार्थियों और संस्थान के सदस्यों को संबोधित किया। निवेदिता रघुनाथ भिड़े ने कहा कि आज मोबाइल और डिजिटल तकनीक युवाओं के हाथ में बड़ी शक्ति है। इसका उपयोग ज्ञान हासिल करने और समाज की समस्याओं के समाधान के लिए किया जा सकता है, लेकिन अनुशासन के अभाव में यही तकनीक समय की बर्बादी का कारण भी बन सकती है।
उन्होंने युवाओं से अनुशासन, एकाग्रता, आत्मविश्वास और आंतरिक शक्ति विकसित करने का आह्वान किया। स्वामी विवेकानंद के संदेश ‘‘उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्त होने तक मत रुको’’ की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि इसका अर्थ केवल शारीरिक रूप से जागना नहीं, बल्कि अपने जीवन और देश के उद्देश्य को समझना भी है।
निवेदिता भिड़े ने युवाओं से आलस्य, जड़ता, ईर्ष्या और पहल करने की कमी जैसी प्रवृत्तियों से बाहर निकलने तथा अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर प्रयास करने की अपील की।
आईआईटी (आईएसएम) के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी या आजीविका हासिल करना नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव और मानवता का विकास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विवेकानंद के विचारों को केवल याद करने के बजाय उनके मूल संदेश को समझकर जीवन में उतारना जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने निवेदिता रघुनाथ भिड़े को सम्मानित किया। इस अवसर पर संस्थान के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।————-









