25 छायादार पेड़ लगाने पर मिलेगा साक्ष्य पेश करने का मौका
जयपुर, 23 सितंबर । राजस्थान हाईकोर्ट ने 12 साल पुराने एक जमीन अधिग्रहण से जुड़े मामले में याचिकाकर्ता को अपनी साक्ष्य पेश करने का सशर्त अंतिम अवसर प्रदान किया है। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता इसके लिए सार्वजनिक स्थान पर 25 छायादार पेड़ लगाएगी और युवा वकीलों के लिए खरीदी जानी कानूनी पुस्तकों के लिए बनाए गए फंड में दस हजार रुपए जमा कराएगी। जस्टिस अनूप कुमार ने यह आदेश प्रमिला गुप्ता की याचिका पर दिए।
याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता ने अपनी जमीन के अधिग्रहण के बाद वर्ष 2014 में जयपुर के सीनियर सिविल जज के समक्ष मुआवजा और अन्य दावों को लेकर वाद दायर किया था। इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने उन्हें साक्ष्य और गवाही पेश करने के कई अवसर दिए गए थे, लेकिन वह निर्धारित समय पर अपनी गवाही दर्ज नहीं करा सकीं। इसके चलते निचली अदालत ने 17 सितंबर 2019 को उनकी गवाही का अधिकार बंद कर दिया था। जिसके खिलाफ दायर याचिका में याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि जिस समय गवाही बंद की गई, वह भारत में नहीं थीं। रिकॉर्ड के अनुसार, वह 17 मई 2019 से 27 नवंबर 2019 तक ऑस्ट्रेलिया में थी। इसलिए उसे अपनी साक्ष्य पेश करने का मौका दिया जाए। इस पर अदालत ने कहा कि केवल इस अवधि के दौरान विदेश में होना ही साक्ष्य न दे पाने का पर्याप्त कारण नहीं है, क्योंकि उन्हें पहले भी कई मौके दिए जा चुके थे।









