हमारी कार्य पद्धति अटल जी जैसी हो, ताकि जनता में स्वीकार्यता बढ़े: नरेन्द्र सिंह तोमर
भोपाल, 16 अगस्त । मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि पार्टी पद दे सकती है, पदाधिकारी बना सकती है, लेकिन नेता हमेशा जनता बनाती है। इसलिए जब हम किसी भी पद पर रहें, हमारी कार्य पद्धति ऐसी होनी चाहिए कि जनता में स्वीकार्यता बढ़े। ऐसी स्वीकार्यता जैसी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपनी कार्य पद्धति से प्राप्त की थी।
विधानसभा अध्यक्ष ने रविवार को भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी की पुण्यतिथि पर भोपाल की प्रोफेसर कॉलोनी में आयोजित अटलजी कि प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अटलजी की प्रतिमा स्थापना का कार्य भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के मार्गदर्शन में नगर निगम भोपाल के माध्यम से हो पाया है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी हम सभी की प्रेरणा हैं। अटलजी का कृतित्व और व्यक्तित्व, उनकी जीवन यात्रा, उनकी कार्य पद्धति देश के लिए तो आदर्श है ही, लेकिन दुनिया में जो अटलजी को जानता है वह उनकी कार्य पद्धति का कायल है।
तोमर ने कहा कि अटलजी संगठन और विचार के प्रति बहुत समर्पित थे और दृढ़ संकल्पित भी थे। आरंभ में जब अटलजी का युग था, तब भाजपा अनेक उतार चढ़ाव से गुजर रही थी। लेकिन अटलजी रुके भी नहीं, झुके भी नहीं। वे पूरी ताकत के साथ आगे बढ़ते रहे और कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाते रहे। उसी बुनियाद का परिणाम है कि आज भारतीय जनता पार्टी का परचम पूरे देश में लहरा रहा है। अटलजी ने अपनी कार्य पद्धति से देश की राजनीति में अपना महत्वपूर्ण स्थान बनाया।
उन्होंने कहा कि आमतौर पर किसी पद पर आने के बाद व्यक्ति की प्रतिष्ठा बढ़ती है मगर अटलजी ऐसे व्यक्ति थे जो जिस पद पर होते थे उस पद की प्रतिष्ठा बढ़ती थी। तोमर ने कहा कि हर व्यक्ति तो अटल बिहारी वाजपेयी और देश का प्रधानमंत्री नहीं बन सकता है लेकिन हम अटलजी को पढ़ कर, उनको गुन कर, उनके बताए रास्ते पर चल कर स्वयं को अटल जी जैसा कार्यकर्ता बना सकते हैं।
उन्होंने कहा कि जब हम किसी भी पद पर रहें हमारी कार्य पद्धति ऐसी होनी चाहिए कि जनता में स्वीकार्यता बढ़े। जनता की स्वीकार्यता से कार्यकर्ता का कद भी बढ़ेगा और पार्टी का विस्तार भी होगा। इसलिये हमको कद के पीछे नहीं भागना चाहिए। गुणों के कारण हमारा कद बढ़े। इस कद के कारण पार्टी का विस्तार हो। इस लक्ष्य को लेकर कार्यकर्ता को काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अटलजी हमेशा कार्यकर्ताओं से कहा करते थे कि राजनीति के सारे पद अस्थाई होते हैं। ये आते हैं, जाते हैं। भारतीय जनता पार्टी में कार्यकर्ता का ऐसा पद है जो कभी जाता नहीं है। यदि कोई योग्य रूप से स्वयं को पार्टी का कार्यकर्ता बना ले तो कोई भी अंतिम सांस तक उसका यह पद ले नहीं सकता है। जनता की स्वीकार्यता से कार्यकर्ता का कद भी बढ़ेगा और पार्टी का विस्तार भी होगा। इसलिये हमको कद के पीछे नहीं भागना चाहिए। गुणों के कारण हमारा कद बढ़े। इस कद के कारण पार्टी का विस्तार हो। इस लक्ष्य को लेकर कार्यकर्ता को काम करना चाहिए।
अपने अनुभव सुनाते हुए तोमर ने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था में ग्रामीण योगदान किसी से छिपा नहीं है। जब अटलजी प्रधानमंत्री बने तब पाया कि छह लाख गांव सड़क से जुड़े नहीं थी। इन गांवों को सड़कों से जोड़ना सबसे बड़ी चुनौती थी। अटल जी से पहले इस पहल के बारे में नहीं सोचा गया। अटल जी यह कर पाए क्योंकि प्रतिपक्ष में रहते हुए उन्होंने गांव-गांव का भ्रमण किया और इस तरह वे ग्रामीणों की संवेदनाओं से जुड़ पाए। आज विकास में भी अपने पराये का अंतर किया जाने लगा है। अटल जी का मत था कि कार्य वहां से शुरू होना चाहिए जहां हमारा समर्थन नहीं है। अगर वे ऐसा नहीं सोचते तो प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना जैसी योजना नहीं बना पाते। इस योजना के कारण अटल जी का प्रधानमंत्री के रूप में सदैव याद किए जाएंगे।
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने रिमोट का बट दबाकर अटलजी की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, भाजपा के प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह, सांसद आलोक शर्मा, महापौर मालती राय, विधायक भगवान दास सबनानी, भाजपा के प्रदेश महासचिव राहुल कोठारी, भाजपा ज़िलाध्यक्ष तथा गणमान्य नागरिक तथा भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।









