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गुरुग्राम में तोडफ़ोड़ से गुस्साए लोग, लघु सचिवालय के सामने की महापंचायत

गुरुग्राम, 26 अगस्त । डीएलएफ और पुराने गुरुग्राम में चल रही तोडफ़ोड़ की कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बुधवार को सेंकड़ों मकान मालिक और नागरिक लघु सचिवालय के बाहर एकत्र हुए और प्रशासन के खिलाफ महापंचायत की।

महापंचायत में लोगों ने जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) आरएस भाट और नगर निगम के रवैये का कड़ा विरोध किया। लोगों नेआरोप लगाया कि प्रशासन की मिलीभगत से ही कॉलोनियां बसीं, और अब नियमों का हवाला देकर आम लोगों के बने-बनाए मकानों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। लोगों ने कहा कि हरियाणा में आज तक दक्षिण हरियाणा से कोई मुख्यमंत्री नहीं बना, इसलिए गुरुग्राम के लोगों का दर्द कोई नहीं समझ रहा।

महापंचायत में मुख्य मांगें रखी गई कि शहर में अब तक बने सभी मकानों और कॉलोनियों को तत्काल प्रभाव से नियमित किया जाए। कोई भी नागरिक अवैध निर्माण के पक्ष में नहीं है, लेकिन बने-बनाए घर किसी भी सूरत में नहीं टूटने दिए जाएंगे। सरकार ने खुद स्टिल्ट प्लस चार और पीजी संचालन जैसे नियम लागू किए हैं, अब अचानक कार्रवाई उत्पीडऩ है। साथ ही कहा कि यदि निर्माण में नियमों का उल्लंघन हुआ है तो नगर निगम और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण कंपाउंडिंग फीस के तौर पर जुर्माना लगा दे। लोग नक्शा पास कराने की फीस और जुर्माना भरने को तैयार हैं, बस उनके घर सुरक्षित रहें। महापंचायत के अंत में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि सभी मांगों को लेकर डीसी उत्तम कुमार को ज्ञापन सौंपा जाएगा। चेतावनी दी गई कि यदि तोडफ़ोड़ नहीं रुकी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।