भूमि विवाद के विरोध में हिंदू समाज की बैठक, निष्पक्ष जांच की मांग, 7 जुलाई को होगी अगली बैठक
खूंटी, 03 जुलाई । खूंटी जिले के विभिन्न पड़हा क्षेत्रों के नाम पर कुछ लोगों द्वारा अलग-अलग गांवों की जमीन पर कथित रूप से जबरन हल चलाने, खेती करने और कब्जा करने के आरोपों के विरोध में शुक्रवार को कर्रा प्रखंड के बिकुवादाग गांव स्थित महादेव मंडा बगीचा में हिंदू समाज की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में शामिल वक्ताओं ने इन घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास सामाजिक सौहार्द और आदिवासी-सदान की पारंपरिक एकता को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने सभी समुदायों से आपसी भाईचारा बनाए रखने और कानून के दायरे में रहकर समस्याओं का समाधान करने की अपील की।
बैठक के मुख्य अतिथि पूर्व विधान पार्षद प्रवीण सिंह ने कहा कि समाज की एकजुटता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। जब तक समाज संगठित नहीं होगा, तब तक उसकी समस्याओं का प्रभावी समाधान नहीं हो सकेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ धर्मांतरित लोग वर्षों से चली आ रही आदिवासी-सदान एकता को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। उनके अनुसार भूमि पर कब्जे की नीयत से तथा आदिवासी और गैर-आदिवासियों के बीच मतभेद पैदा करने के उद्देश्य से ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है।
प्रवीण सिंह ने कहा कि समाज संविधान और कानून में पूर्ण विश्वास रखता है, लेकिन किसी भी प्रकार की संगठित अवैध गतिविधि को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरना और सनातन समाज की पारंपरिक एकता को मजबूत बनाए रखने तथा लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से समाज विरोधी गतिविधियों का विरोध करने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि जरियागढ़ के ठाकुर जयेंद्र नाथ शाहदेव ने राज परिवार पर आदिवासियों की जमीन हड़पने के लगाए जा रहे आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि जरियागढ़ रियासत के इतिहास में किसी आदिवासी की जमीन नहीं छीनी गई, बल्कि हजारों एकड़ भूमि का वितरण किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग भीड़ के सहारे जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन समय रहते उचित कार्रवाई नहीं करता है तो हिंदू समाज आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विचार करेगा।
बैठक को संबोधित करते हुए दिलीप शर्मा ने कहा कि समाज से जुड़े गंभीर मुद्दों पर न तो सरकार पर्याप्त ध्यान दे रही है और न ही प्रशासन। वहीं अधिवक्ता कौशल किशोर शर्मा ने भूमि संबंधी मामलों के कानूनी पहलुओं की विस्तृत जानकारी देते हुए लोगों से अपने अधिकारों की रक्षा कानून के दायरे में रहकर करने की अपील की। बैठक की अध्यक्षता कर रहे शिव शंकर मिश्रा ने पारंपरिक आदिवासी व्यवस्था में पाहन और अन्य पारंपरिक पदाधिकारियों की भूमिका पर अपने विचार रखे। इसके अलावा रूपेश सोनी, शिवकुमार केशरी और दिलीप कुमार सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि हिंदू समाज की अगली बड़ी बैठक 7 जुलाई को चौला पतरा, जम्हार में आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही आगामी दिनों में खूंटी में एक विशाल प्रदर्शन आयोजित कर उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में उपस्थित लोगों ने प्रशासन से भूमि विवाद से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि सभी पक्षों की बात सुनकर कानून के अनुसार निर्णय लिया जाना चाहिए, ताकि क्षेत्र में शांति, सामाजिक सौहार्द और आपसी विश्वास बना रहे।
बैठक समाप्त होने के बाद सैकड़ों की संख्या में लोग विभिन्न वाहनों से जरियागढ़ थाना पहुंचे। वहां उन्होंने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की। कार्यक्रम का संचालन सुधीर सिंह ने किया।
इस अवसर पर मदन सिंह, प्रदीप गोप, सदन गोपाल शर्मा, द्वारकाधीश शर्मा, राजेंद्र शर्मा, रवि शर्मा, अश्विनी शर्मा, अशोक कुमार शर्मा, अनिल मिश्रा, शिवशरण मिश्रा, रामशरण मिश्रा, नरेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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