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पीएम विकसित भारत रोजगार योजना : हिमाचल के 6099 लाभार्थियों को मिलेंगे 12 करोड़ रुपये

शिमला, 18 जून । राजधानी शिमला में शुक्रवार को प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) के तहत राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें हिमाचल प्रदेश के 6099 लाभार्थियों को 12.02 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि का लाभ मिलेगा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के श्रम एवं उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नई दिल्ली के विज्ञान भवन से देशभर के 15 लाख से अधिक लाभार्थियों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से करीब 2400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी करेंगे। इसी क्रम में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) शिमला द्वारा केंद्रीय आलू अनुसंधान केंद्र के सभागार में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त, हिमाचल प्रदेश अमित सिंगला ने शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देना और पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत पात्र कर्मचारियों को नौकरी के छह महीने पूरे होने के बाद एक महीने के वेतन के बराबर, अधिकतम 15 हजार रुपये तक की पहली किस्त दी जाती है। इसके बाद 12 महीने की सेवा और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने पर दूसरी किस्त भी प्रदान की जाती है।

अमित सिंगला ने बताया कि नियोक्ताओं को प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के लिए दो वर्षों तक हर माह 3,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। वहीं विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र के नियोक्ताओं को दो वर्ष अतिरिक्त प्रोत्साहन का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए 99,446 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है और अगले दो वर्षों में 3.5 करोड़ रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में पहली बार नौकरी पाने वाले 5510 युवाओं को 3.01 करोड़ रुपये और 589 नियोक्ताओं को 9.03 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। इस तरह प्रदेश के कुल 6099 लाभार्थियों को 12.02 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ प्राप्त होगा।

अमित सिंगला के अनुसार मार्च 2026 तक इस योजना के तहत देशभर में 4.41 लाख नए कर्मचारियों को 247 करोड़ रुपये और 17,551 संस्थानों को 214 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा चुकी है। इससे 6.46 लाख अतिरिक्त रोजगार अवसर सृजित करने में मदद मिली है।