रांची में आदिवासी महिला के साथ अमानवीय घटना पर आजसू का विरोध, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
रांची, 03 अप्रैल । राजधानी रांची के कोकर स्थित भाभानगर में आदिवासी महिला के साथ हुई अमानवीय घटना को लेकर ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (आजसू) पार्टी ने कड़ा विरोध जताया है। पार्टी ने इस घटना को बेहद निंदनीय बताते हुए कहा कि सभ्य समाज में ऐसी घटनाओं के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
जानकारी के अनुसार, कोकर क्षेत्र में एक आदिवासी महिला को कथित रूप से कालिख पोतकर, जूते-चप्पलों की माला पहनाकर सरेआम घुमाया गया। इस घटना से पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है और लोगों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है।
आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव संजय मेहता ने शुक्रवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह न केवल एक महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है, बल्कि पूरे झारखंड की मानवता को शर्मसार करने वाला है।
संजय मेहता ने बताया कि सदर थाना क्षेत्र के भाभानगर में एक झूठे चोरी के आरोप में महिला को चार दिनों तक बंधक बनाकर प्रताड़ित किया गया। इस दौरान उसके चेहरे पर कालिख पोती गई, जूते-चप्पलों की माला पहनाई गई, ‘चोर’ लिखे पोस्टर लगाए गए और उसे सार्वजनिक रूप से घुमाया गया। इतना ही नहीं, स्थानीय लोगों को भी धमकाया गया ताकि कोई इस घटना का विरोध न कर सके।
उन्होंने कहा कि यह मामला अत्यंत गंभीर, घृणित और चिंताजनक है। स्थानीय महिलाओं के विरोध के बाद ही पुलिस हरकत में आई, जो कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है।









