खरगे के खिलाफ एफआईआर की मांग वाली याचिका पर सुनवाई टली
नई दिल्ली, 15 अप्रैल । दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट के सेशंस कोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के बारे में कथित अपमानजनक बयान के मामले में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने से ट्रायल कोर्ट के इनकार को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई टाल दी है। स्पेशल जज जीतेंद्र सिंह ने मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल को करने का आदेश दिया।
बुधवार को सुनवाई के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से पेश वकील ईशा बख्शी ने कहा कि उनकी ओर से जवाब दाखिल कर दिया गया है। ईशा बख्शी ने कहा कि इस मामले पर दलीलें रखने वाले वकील आज उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने दलीलें रखने के लिए समय देने की मांग की। उसके बाद कोर्ट ने 29 अप्रैल को अगली सुनवाई करने का आदेश दिया।
मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से 20 मार्च को जवाब दाखिल किया गया गया था। इस मामले में तीस हजारी कोर्ट के मजिस्ट्रेट कोर्ट ने खरगे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को खारिज कर दिया था, जिसके बाद याचिकाकर्ता रविंदर गुप्ता ने सेशंस कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।कोर्ट ने 29 जनवरी को खरगे को नोटिस जारी किया था।
दरअसल, 13 दिसंबर 2024 को तीस हजारी कोर्ट के मजिस्ट्रेट कोर्ट ने खरगे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने से इनकार कर दिया था। मल्लिकार्जुन खरगे राज्यसभा के सदस्य हैं, इसलिए उनके खिलाफ अब राऊज एवेन्यू स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में याचिका दायर की गई है।
याचिका आरएसएस के सदस्य रविंद्र गुप्ता ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि मल्लिकार्जुन खरगे ने 27 अप्रैल 2023 को कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा और संघ के बारे में अपमानजनक बयान दिए। याचिका में कहा गया है कि मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। बाद में मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि उन्होंने जो बयान दिया था वो प्रधानमंत्री के खिलाफ नहीं बल्कि संघ और भाजपा के खिलाफ था।
याचिकाकर्ता की ओर से वकील गगन गांधी ने कहा कि संघ का सदस्य होने के नाते याचिकाकर्ता मल्लिकार्जुन खरगे के बयानों से आहत है। इस मामले में कोर्ट ने सब्जी मंडी पुलिस थाने को एक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। सब्जी मंडी थाने की पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि बयान कर्नाटक में दिए गए हैं और वो सब्जी मंडी थाने के क्षेत्राधिकार में नहीं आता है।









