डबल पैरालंपिक पदक विजेता प्रीति पाल का लक्ष्य – विश्व पैरा एथलेटिक्स में हासिल करना पर्सनल बेस्ट

प्रीति ने कहा, “दिल्ली में होने जा रही पैरा एथलेटिक्स वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए मैं कड़ी ट्रेनिंग कर रही हूं। इस बार मेरा लक्ष्य अपने पदक का रंग बदलना है, लेकिन मैं जानती हूं कि मेरी मौजूदा फॉर्म पेरिस पैरालंपिक जैसी नहीं है। इसलिए मेरा मुख्य फोकस पर्सनल बेस्ट टाइमिंग पर है, पदक का रंग बाद में तय होगा।”

पिछले साल मई 2024 में प्रीति ने विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में दो कांस्य पदक जीते थे, और उसी साल पेरिस पैरालंपिक में भी 100 मीटर और 200 मीटर T35 स्पर्धाओं में कांस्य पदक अपने नाम किया। पेरिस से लौटने पर अपने गांव मुजफ्फरनगर में हुए भव्य स्वागत को याद करते हुए उन्होंने कहा, “एयरपोर्ट से गांव तक रैली निकाली गई थी। रात थी, बारिश हो रही थी, फिर भी करीब 1750 कारें मेरे पीछे थीं। लोग मुझे भगवान की तरह सम्मान दे रहे थे, बच्चों को आशीर्वाद देने के लिए कह रहे थे – वो लम्हा मैं कभी नहीं भूल सकती।”

उन्होंने अपनी प्रगति का श्रेय अपनी आदर्श खिलाड़ी सिमरन शर्मा और कोच गजेन्द्र सिंह (गज्जू भैया) को दिया। प्रीति के अनुसार, “सिमरन दीदी ने ही मुझे गज्जू भैया से मिलवाया और ट्रेनिंग के लिए तैयार किया। उनके कोचिंग में मैंने 100 मीटर दौड़ में एक से डेढ़ सेकंड का सुधार किया, जो इस इवेंट में बहुत बड़ी उपलब्धि है। यही वजह है कि मुझे विश्व चैंपियनशिप और पैरालंपिक में पदक मिले।”

विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 27 सितंबर 2025 से नई दिल्ली में शुरू होगी, जहां प्रीति अपने अगले बड़े अभियान में नजर आएंगी।