(अपडेट) उप्र. के फतेहपुर में विवादित स्थल पर हिंदू संगठनों ने लगाया ध्वज, प्रशासन ने वार्ता कर बहाल की शान्ति व्यवस्था
हिन्दू संगठनों ने किया था आह्वान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल, विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेंद्र पांडेय और बजरंग दल के धर्मेन्द्र जनसेवक के आह्वान पर सोमवार सुबह कर्पूरी ठाकुर चौराहे पर हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों की बड़ी संख्या में भीड़ एकत्र हो गई। इसके बाद हिन्दू संगठनों के लोगों ने विवादित स्थल की ओर बढ़े और तीन किलोमीटर के दायरे में तीन जगह पर लगी बैरीकेटिंग को तोड़ते हुए मकबरा स्थल तक पहुंच गए। कुछ युवाओं नेइमारत पर ध्वज लगा दिया।
मुस्लिमों ने किया पथराव विवादित स्थल पर हिन्दू संगठनों के ध्वज लगाने पर मुस्लिम पक्ष के लोगों ने काफी नाराजगी दिखाई। मुस्लिमों ने आरोप लगाया है कि हिन्दू संगठनों के लोगों ने मजार को क्षतिग्रस्त किया है। इसके बाद एक समुदाय के लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। मामला तूल पकड़ने पर अतिरिक्त पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और हिंदू संगठनों के लोगों को बाहर कर इमारत की सुरक्षा बढ़ा दी है।
स्थिति नियंत्रण में और शांति बनाए रखना प्राथमिकता: डीएम इस घटना को लेकर जिलाधिकारी रविन्द्र सिंह ने बताया कि आज कुछ लोगों ने विवादित स्थल पर ध्वज फहराने की कोशिश की है। दूसरे समुदाय ने इसका विरोध किया है। प्रशासन ने लोगों को रोकते हुए दोनों पक्षों से वार्ता कर शान्ति व्यवस्था बनाये रखने में सहयोग की अपील की गई है। दोनों पक्षों के लोगों से बात करने किसी के साथ अहित न किए जाने का आश्वासन दिया गया। दोनों पक्ष के लोग संतुष्ट होकर वापस चले गये हैं। विवादित स्थल मकबरा या मंदिर होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस बात का निर्णय टेक्निकल एक्सपर्ट ही कर पायेंगे, इस वक्त शांति व्यवस्था बनाए रखना ही मेरी प्राथमिकता है।
गौरतलब है कि फतेहपुर जिला मुख्यालय के नवाब अब्दुस समद मकबरा, खसरा संख्या 753, मो. रेडड्या, आबू नगर, तहसील सदर, जो कि राष्ट्रीय सम्पत्ति मकबरा के तौर पर अभिलेखों में दर्ज हैं। इसके अधिकारिक मुतवल्ली के तौर पर मोहम्मद अनीश का नाम दर्ज है। “मठ मंदिर संरक्षण संघर्ष समिति” संगठन के पदाधिकारियों ने इस मकबरे को “ठाकुरजी का मन्दिर” बताया जा रहा है। इस ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व धार्मिक धरोहर पर कब्जा करने के लिए हिन्दू संगठनों के पदधिकारियों ने 11 अगस्त को मकबरे का नवीनीकरण कर मन्दिर बनाने की घोषणा करते हुए अपने समर्थकों को पहुंचने का आह्वान भी किया था।————-









