अब फतेहाबाद के कांग्रेस विधायक ने भ्रष्ट अफसर के खिलाफ खोला मोर्चा

अब फतेहाबाद के कांग्रेस विधायक ने भ्रष्ट अफसर के खिलाफ खोला मोर्चा

बीपीडीओ को पदमुक्त करने की मांगफतेहाबाद, 3 जुलाई (हि.स.)। फतेहाबाद के कांग्रेस विधायक बलवान सिंह दौलपुरिया ने भी सिरसा के कांग्रेसी विधायक गोकुल सेतिया की तरह भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस विधायक ने फतेहाबाद के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी अनिल कुमार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। इसको लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री को अधिकारी की शिकायत करते हुए उसे तुरंत पदमुक्त करने की मांग की है। फतेहाबाद के विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया ने सीएम के नाम लिखी पोस्ट में कहा कि सिरसा जिले में 1 मई 2022 को दर्ज एफआईआर नंबर 232 में भ्रष्टाचार का आरोपी बीडीपीओ अनिल कुमार हाईकोर्ट से जमानत पर है। ऐसे व्यक्ति की हैड ऑफिस में ड्यूटी होनी चाहिए लेकिन इसको जिला फतेहाबाद के तीन ब्लॉक भट्टू, फतेहाबाद व भूना के बीडीपीआ का चार्ज दिया हुआ है और यहां भी भ्रष्टाचार का सरेआम खेल खेला जा रहा है। विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया ने कहा कि ब्लॉक समिति हाऊस में पास हुए काम भी नहीं किए जा रहे। इसी संदर्भ में भट्टू ब्लाक समिति चेयरपर्सन ज्योति लूणा ने भी उपायुक्त को एक शिकायत दी है कि मीटिंग के 6 महीने बीत जाने के बाद भी आज तक एस्टीमेट तक तैयार नहीं किए गए। विधायक ने कहा कि ऐसे लोगों को पदमुक्त करना चाहिए। बता दें कि भट्टूकलां खंड समिति की चेयरपर्सन ज्योति लूना ने बुधवार को उपायुक्त मनदीप कौर से मुलाकात की थी। उन्होंने भट्टू के बीडीपीओ अनिल बिश्नोई पर विकास कार्यों को रोकने के आरोप लगाए हैं। चेयरपर्सन ज्योति लूना ने बताया कि 24 जनवरी को आयोजित बैठक में ब्लॉक समिति सदस्यों के साथ मिलकर कई विकास कार्यों को मंजूरी दी गई थी, लेकिन आज तक एक भी कार्य पूरा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि जहां अन्य खंडों में विकास कार्य जारी हैं, वहीं भट्टू खंड में कार्य रुके पड़े हैं और बीडीपीओ अनिल बिश्नोई इस पर कोई सुनवाई नहीं कर रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि बीडीपीओ जानबूझकर विकास कार्यों में बाधा पैदा कर रहे हैं। कुछ गांवों में पेयजल पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग ने बिना सूचना के संबंधित एनओसी रद्द कर दी, जिससे कार्य रुक गए। चेयरपर्सन ने चेतावनी दी है कि यदि रुके विकास कार्यों को शुरू नहीं किया गया, तो वह ब्लॉक समिति सदस्यों के साथ धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगी।