ऑपरेशन सिंदूर पर फिल्म का क्रेज! 50 से अधिक प्रोड्यूसर्स ने लगाई टाइटल की दौड़!

सात मई को भारतीय सेना ने पाकिस्तान के 7 शहरों के 9 आतंकवादी ठिकानों पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नामक एक विशेष कार्यवाही की थी। इस घटनाक्रम के बाद, बॉलीवुड में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम को लेकर भारी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। खबरों के अनुसार, लगभग 50 फिल्म निर्माता इस टाइटल के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के लिए आवेदन कर चुके हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के अध्यक्ष बी. एन. तिवारी ने इस घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि जैसे ही ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की खबर आई, कई प्रोड्यूसर्स ने इस नाम को रजिस्टर कराने के लिए संपर्क करना शुरू कर दिया।

बता दें कि 7 मई की सुबह से ही प्रोडक्शन हाउस से फोन आने लगे थे। तिवारी ने कहा कि इस विषय पर फिल्म बनाने के लिए प्रोड्यूसर्स के बीच मेला लगा हुआ है, और इम्पा (IMPA) में ही 15 से अधिक प्रोड्यूसर्स ने आवेदन किया है। इसके अलावा, अन्य तीन फिल्म संगठनों में भी कई आवेदन प्रस्तावित किए गए हैं। कुल मिलाकर देखा जाए तो 40-50 लोग इस विशेष टाइटल के लिए दौड़ में हैं।

टाइटल प्राप्त करने संबंधी कानूनी प्रक्रियाओं पर बात करते हुए बी. एन. तिवारी ने स्पष्ट किया कि जब एक ही टाइटल के लिए कई प्रोड्यूसर्स आवेदन करते हैं, तो प्राथमिकता पहले आए आवेदन वाले को दी जाती है। इस प्रकार, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का टाइटल केवल एक व्यक्ति को मिलेगा, जबकि अन्य प्रोड्यूसर्स इस नाम में बदलाव कर सकते हैं, जैसे ‘देश का सिंदूर’ या ‘ऑपरेशन सिंदूर: एक सच्ची कहानी’ आदि। उन्होंने यह भी बताया कि यह टाइटल प्रधानमंत्री द्वारा स्थापित किया गया है, और कई प्रोड्यूसर्स इसे ट्रेडमार्क कराने की इच्छा रख रहे हैं।

दूसरी ओर, रिलायंस इंडस्ट्रीज ने भी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लिए 7 मई को ट्रेडमार्क आवेदन प्रस्तुत किया था, लेकिन बाद में इस आवेदन को वापस ले लिया है। रिलायंस का कहना है कि यह नाम अब भारतीय वीरता का प्रतीक बन चुका है। इसके अलावा, रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कहा कि उनका इस नाम को ट्रेडमार्क कराने का कोई उद्देश्य नहीं था, यह एक शब्द है जो राष्ट्रीय गौरव का हिस्सा बन चुका है।

इस विशेष मौके पर, बी. एन. तिवारी ने यह भी सलाह दी कि पाकिस्तान से जुड़े किसी भी कलाकार या यूट्यूबर को भारत में कोई मंच नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उनका स्टैंड देश की सुरक्षा पहले है। उन्होंने पहले भी इस मुद्दे पर कुछ पत्र लिखे थे और प्रकाश राज जैसे व्यक्तियों से अपील की है कि जो लोग पाकिस्तान के पक्ष में बोलते हैं, उन्हें सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए, अन्यथा उनके खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन की नीति अपनाई जाएगी।

इस प्रकार, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ केवल एक फिल्म का शीर्षक नहीं, बल्कि भारतीय समाज में एक गहरा संवेदनशील विषय बन चुका है जो अब सिनेमा और देशभक्ति के संगम को दर्शाता है।