ज्वैलर पर जानलेवा हमला: साजिशकर्ता बहनोई गिरफ्तार, चौंकाने वाला खुलासा!

जोधपुर के बाईजी का तालाब क्षेत्र में 7 अक्टूबर 2023 को एक ज्वैलर पर हुए जानलेवा हमले के संबंध में पुलिस ने मुख्य आरोपी महेन्द्र सिंह राठौड़ उर्फ गिडा को गिरफ्तार कर लिया है। महेन्द्र सिंह पिछले डेढ़ वर्ष से फरार चल रहा था और उसे सीआरपीसी की धारा 299 के तहत वांछित घोषित किया गया था। यह मामला तब शुरू हुआ जब आरोपी नरेन्द्र सोनी ने अपने साले अरविन्द सोनी के साथ चल रहे वित्तीय विवाद के कारण उसकी हत्या करवाने की सुपारी दी थी।

पुलिस के अनुसार, नरेन्द्र सोनी ने महेन्द्र सिंह उर्फ मनोहर को आदेश दिया कि वह अरविन्द सोनी के पैर तोड़ दे। महेन्द्र सिंह ने अपने साथी राजेन्द्र सिंह और अन्य के सहयोग से इस वारदात को अंजाम दिया। रिपोर्ट के अनुसार, जोधपुर के धापी मार्बल रोड निवासी ज्वैलर प्रवीण सोनी ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी कि 7 अक्टूबर की रात को वह और उसका भाई अरविन्द अपने काम से लौट रहे थे, तभी कुछ लोगों ने उन पर हमला किया। इस हमले में प्रवीण के हाथ और शरीर पर गंभीर चोटें आईं, जबकि अरविन्द का पैर टूट गया।

हमले के बाद, बदमाश मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने मामले की गहन जांच की और सीसीटीवी फुटेज और खुफिया जानकारी के आधार पर प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया। अब तक छह आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया है, जिसमें महेन्द्र सिंह राठौड़ भी शामिल है। साथ ही, एक विधि से संघर्षरत किशोर को भी गिरफ्तार किया गया है। महेन्द्र सिंह राठौड़ की गिरफ्तारी एक गोपनीय सूचना के आधार पर की गई थी, और पूछताछ में उसने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया।

पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश कर जोधपुर के केंद्रीय कारागृह भेज दिया है। इस कार्रवाई में थानाधिकारी माणकराम विश्नोई, एएसआई कालू सिंह, नेमीचंद और कांस्टेबल पुखराज समेत अन्य टीम के सदस्य शामिल रहे। जोधपुर पुलिस के इस प्रयास ने यह साबित कर दिया है कि वे कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तत्परता से काम कर रहे हैं और अपराधियों को सजा दिलाने के लिए कोई भी कसर नहीं छोड़ेंगे।

इस घटनाक्रम ने जोधपुर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चर्चा प्रारंभ कर दी है। नागरिकों में भय और असुरक्षा की भावना व्याप्त है, लेकिन पुलिस की सक्रियता से उम्मीद जगी है कि अपराधियों को काबू में लाया जा सकेगा और न्याय की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा। इस प्रकार, पुलिस और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों की मेहनत और समर्पण से यह स्पष्ट होता है कि वे समाज को सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।