वाराणसी में एडवोकेट के बेटे की हत्या: डायरेक्टर के बेटे का चौंकाने वाला खुलासा!
वाराणसी में एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां ज्ञानदीप स्कूल के प्रबंधक के बेटे यजुवेंद्र उर्फ रवि ने 12वीं के छात्र हेमंत की गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना ज्ञानदीप स्कूल के डायरेक्टर के आवास के पार्किंग एरिया में बने कमरे में हुई, जहां हेमंत के दो दोस्त भी मौजूद थे। हेमंत को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। छात्र की कनपटी पर गोली लगी थी, जो आर-पार हो गई थी। घटना के बारे में जानकारी मिलते ही शिवपुर थाने में वकीलों का जमावड़ा लग गया और हंगामा शुरू हो गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यजुवेंद्र ने इस घटना के संदर्भ में बयान दिया कि वह और उसके दोस्त हेमंत को स्कूल की एक शिक्षिका के माध्यम से बुलाने गए थे, क्योंकि उन्हें बताया गया था कि हेमंत उनकी बेटी को परेशान कर रहा था। रवि का कहना है कि बातचीत करते समय झगड़ा बढ़ गया और अचानक गोली चल गई। इस बीच, हेमंत के पिता कैलाशनाथ वर्मा, जो स्वयं एक वकील हैं, ने अपने बेटे की प्रतिभा और भव्यता का जिक्र करते हुए न्याय की मांग की। उन्होंने बताया कि उनका बेटा गणित में बहुत अच्छा था और अपनी पढ़ाई को लेकर गंभीर था।
घटना के समय हेमंत अपने दोस्तों के साथ कॉलेज के पास डायरेक्टर के घर पहुंचा था, जहां रवि ने पहले किशन को कमरे से बाहर भेज दिया था और फिर हेमंत और शशांक को कमरे में बुलाया। अचानक कमरे के अंदर से गोली की आवाज आई, जिसके बाद दोनों दोस्तों ने हेमंत को खून से लथपथ हालात में बाहर निकाला और उसे ट्रॉमा सेंटर ले गए। हालांकि, डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। कैलाशनाथ ने आरोप लगाया कि उन्हें फोन पर सूचित किया गया कि उनके बेटे को गोली लगी है और जब वह स्कूल पहुंचे, तब उन्हें पता चला कि हेमंत को अस्पताल ले जाया गया है।
वाराणसी में एडवोकेटों ने इस मामले में न्याय की मांग की है और पुलिस से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा की है। बार एसोसिएशन के सदस्य भी सक्रिय रूप से मामले को उठाते रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि मुख्य आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया जाए। यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्होंने प्रदेशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है। पुलिस अधिकारियों ने इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी हासिल किया है और मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है, जिसमें शशांक को हिरासत में लिया गया है और रवि की पिस्टल भी पुलिस के कब्जे में है।
घटना ने एक बार फिर से कानून-विवस्था पर सवाल उठाए हैं, खासकर जब वाराणसी जैसे शहर में ऐसी घटना हुई है। वकील केके सिंह ने बताया कि इस मामले में साफ तौर पर प्रशासनिक और सामूहिक दबाव का सामना करना पड़ सकता है। बार एसोसिएशन ने यह भी कहा है कि यदि न्याय में देरी होती है, तो वे मजबूर होकर और बड़ा कदम उठाने के लिए तैयार हैं। इस मामले में सभी तीनों आरोपी नामित किए गए हैं और स्थिति अभी भी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हुई है, जिसके लिए स्थानीय पुलिस की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।









