श्रवण-नेहा की अवार्ड जीत! जितेंद्र ने राजस्थानी सिनेमा को बताया क्रांतिकारी जरूरत

राजस्थानी सिनेमा महोत्सव के तीसरे संस्करण ने कला और संगीत की महान शख्सियतों को श्रद्धांजलि देने का एक बेहतरीन मौका दिया। इस भव्य आयोजन का आयोजन जवाहर कला केंद्र के रंगायन सभागार में हुआ, जहां पर्यटन, कला एवं संस्कृति विभाग, राजस्थानी सिनेमा विकास संघ, और जेकेके के सहयोग से यह समारोह संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी और राजस्थान मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन लिमिटेड की प्रबंध निदेशक नेहा गिरी ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर इसे श्रोताओं के लिए खास बनाया। इस अवसर पर कलाकारों को दिए गए विभिन्न सम्मान ने उनकी मेहनत और समर्पण को पहचाना।

इस समारोह के दौरान श्रवण सागर को महीपाल स्मृति उत्कृष्ट नायक और नेहा श्री को जयमाला स्मृति उत्कृष्ट नायिका पुरस्कार से नवाजा गया। इसके साथ ही, पं. इंद्र स्मृति लाइफ टाइम अचीवमेंट सम्मान मोहनसिंह कविया को, बी.के. आदर्श स्मृति उत्कृष्ट फिल्म निर्माता सम्मान राज जांगिड़ को और अन्य कई कलाकारों को उनके योगदान के लिए मान्यता दी गई। यह पुरस्कार न केवल कलाकारों के लिए गर्व की बात थी, बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने का एक प्रयास भी था।

डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी ने कार्यक्रम के दौरान अपने विचार साझा करते हुए कहा कि हमें अपनी भाषा और संस्कृति को संजोए रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी भाषा का विलुप्त होना, उसके पीछे की संस्कृति और परंपरा का खत्म होना है। उन्होंने यह भी बताया कि राजस्थानी फिल्म उद्योग ने भाषा के संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और उन्होंने सभी से अपील की कि वे अपने बच्चों को अपनी मातृभाषा सिखाएं, क्योंकि यह उनकी पहचान का अभिन्न हिस्सा है।

हालांकि, इस भव्य समारोह के बीच राजस्थानी फिल्म निर्देशक लखविंदर सिंह ने अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने आयोजन में राजस्थानी फिल्म कलाकारों को निमंत्रण नहीं देने पर कड़ी आपत्ति जताई, यह कहते हुए कि जब कार्यक्रम राज्य सरकार के सहयोग से आयोजित हो रहा है, तो सभी स्थानीय कलाकारों को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने अपने हालिया प्रोजेक्ट ‘तांडव 2’ का भी जिक्र किया, जो कई हफ्तों तक सिनेमाघरों में दर्शकों का मनोरंजन कर रहा है, लेकिन फिर भी उनके कलाकारों को इस आयोजन में जगह नहीं मिली।

आयोजक विपिन तिवारी ने इसका जवाब देते हुए कहा कि उनका किसी भी व्यक्ति से बैर नहीं है, और इस महोत्सव का उद्देश्य राजस्थानी सिनेमा का सम्मान करना है। उन्होंने वरिष्ठ कलाकारों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए सभी से आग्रह किया कि वे इस कार्यक्रम में उत्साह के साथ सहभागिता करें। समारोह के दौरान दीप प्रज्वलन के साथ-साथ एक फिल्म शूटिंग का प्रदर्शन और आमागढ़ पर एक डॉक्यूमेंट्री का screening किया गया, जिसने सभी उपस्थित लोगों का ध्यान खींचा और कार्यक्रम को और भी रोचक बना दिया।

इस प्रकार, राजस्थानी सिनेमा महोत्सव ने न केवल कला और संस्कृति के प्रति सम्मान प्रकट किया, बल्कि स्थानीय कलाकारों और भाषा के महत्व को भी समझाया। यह आयोजन निस्संदेह एक नई दिशा में राजस्थानी सिनेमा की यात्रा को आगे बढ़ाएगा।