केंद्र-किसान वार्ता का सातवां दौर आज: क्या शिवराज चौहान के आने से बनेगी बात?

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और किसानों के बीच आज, बुधवार को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तथा अन्य मुद्दों पर बातचीत का सातवां दौर शुरू होने जा रहा है। यह महत्वपूर्ण बैठक चंडीगढ़ के सेक्टर-26 में स्थित महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट में सुबह 11 बजे होगी। इस बैठक में केन्द्रीय कृषि मंत्री के साथ पंजाब सरकार के मंत्री और अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। वहीं, किसानों का प्रतिनिधित्व संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल और किसान मजदूर मोर्चा (KMM) के संयोजक सरवन सिंह पंधेर करेंगे, जिनके साथ 28 किसान नेता भी बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचेंगे।

इससे पहले केंद्र और किसानों के बीच 6 बैठकें हो चुकी हैं, जिनमें से पिछली वार्ता 22 फरवरी को हुई थी, लेकिन उसमें कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका था। उस वार्ता में कृषि मंत्री ने कहा था कि किसानों द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों की सरकारी डेटा के साथ तुलना की जाएगी। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल इस समय खनौरी बॉर्डर पर अनशन पर हैं। उन्होंने पहले भी एम्बुलेंस के माध्यम से चंडीगढ़ आने का विकल्प अपनाया है और इस बार भी वे इसी तरीके से बैठक में भाग लेंगे।

किसान आंदोलन से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी यह है कि फरवरी 2024 में हरियाणा पुलिस ने शंभू बॉर्डर को बंद कर दिया, जिसके खिलाफ अंबाला के व्यापारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने एक हफ्ते में बॉर्डर को खोलने के आदेश दिए, लेकिन हरियाणा सरकार ने इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अब तक 10 बार सुनवाई की है और एक रिटायर्ड जस्टिस की अगुआई में एक कमेटी भी बनायी है ताकि किसानों और सरकार के बीच मध्यस्थता हो सके। हालांकि, किसान आंदोलन अभी भी जारी है।

किसान आंदोलनों के दौरान कई बार दिल्ली कूच करने की कोशिश की गई। जब केंद्र सरकार ने बातचीत बंद कर दी, तब किसानों ने दिल्ली जाने का निर्णय लिया, लेकिन हरियाणा सरकार ने उन्हें इस यात्रा की अनुमति नहीं दी। इसके परिणामस्वरूप, 101 किसानों का एक समूह दिल्ली जाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें भी बैरिकेडिंग द्वारा रोका गया। किसानों ने 6, 8 और 14 दिसंबर को दिल्ली की ओर बढ़ने का प्रयास किया, लेकिन हर बार पुलिस ने उन्हें रोक दिया, यहां तक कि उन पर आंसू गैस के गोले फेंके गए।

इसी दौरान, किसान नेता जगजीत डल्लेवाल ने आमरण अनशन का ऐलान किया, जिससे मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। 26 नवंबर 2024 को अनशन करने से पहले उन्हें पंजाब पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया, लेकिन बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। तब से उनका अनशन जारी है। सुप्रीम कोर्ट में उनकी स्वास्थ्य की स्थिति और आंदोलन को लेकर कई बार सुनवाई हो चुकी है। अंततः, केंद्र ने 14 फरवरी को बातचीत का आह्वान किया, जिसके बाद डल्लेवाल ने चिकित्सा सहायता लेने के लिए सहमति जताई। इस पृष्ठभूमि में आज की वार्ता को ध्यान में रखते हुए सभी पक्षों की नजरें होंगी।