राजस्थान खेल अधिकारी अब डीवाईएसपीओ: राष्ट्रीय पदक विजेताओं को मिलेगा खास सम्मान!

राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को खेल विभाग के सचिव और परिषद के अध्यक्ष नीरज कुमार पवन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई, जिसमें खेल अधिकारियों के पदनाम में परिवर्तन करना भी शामिल रहा। अब इन अधिकारियों का नया नाम डिस्ट्रिक्ट यूथ एंड स्पोर्ट्स प्रमोशन ऑफिसर (डीवाईएसपीओ) होगा। पहले ये अधिकारी मुख्यालय और जिलों में खेल अधिकारी के तौर पर कार्यरत थे, लेकिन बदलाव के बाद उनकी जिम्मेदारियों और उनके कार्यक्षेत्र में नए दृष्टिकोण शामिल होंगे।

नीरज कुमार पवन ने जानकारी दी कि प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही गैर सरकारी संस्थाओं को राजस्थान खेल प्रोत्साहन अवार्ड 2025 से सम्मानित किया जाएगा। यह पहल उन संस्थाओं के प्रति सरकार का आभार व्यक्त करती है, जो लगातार प्रदेश में खेलों के विकास के लिए कार्य कर रही हैं। इसके अलावा, उत्तराखंड में 28 जनवरी से 14 फरवरी तक आयोजित राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को भी शीघ्र सम्मानित किया जाएगा। इससे खिलाड़ियों का मनोबल और अधिक ऊंचा होगा, और वे भविष्य में और अधिक मेहनत से खेलेंगे।

बैठक में राजस्थान खेल अधिनियम – 2005 के पालन पर विशेष जोर दिया गया। इस अधिनियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना, खेल संघों की गतिविधियों की निगरानी करना और उन्हें सही दिशा में निर्देशित करना आवश्यक है। इस संदर्भ में राज्य खेल संघों की गतिविधियों पर चर्चा करके आवश्यक सुधारों की योजना बनाई गई। इससे राज्य में खेल आयोजन और विकास की गतिविधियों में स्पष्टता और अनुशासन आएगा।

बैठक में उप शासन सचिव अनिता मीणा, क्रीड़ा परिषद के सचिव राजेन्द्र सिंह सिसोदिया, वित्तीय सलाहकार महावीर मीणा, वरिष्ठ लेखाधिकारी नीलम राठौड़ और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। सभी ने मिलकर राज्य में खेलों के विकास और प्रोत्साहन के लिए अपने विचार साझा किए। इस बैठक ने स्पष्ट किया कि राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद खेलों को बढ़ावा देने के लिए गंभीर है और वे भविष्य के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएँ तैयार कर रही हैं।

इसके साथ ही, खिलाड़ियों को मिलने वाले अनुरोधों और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भी प्रस्तावित सुझावों पर गौर किया गया। इस तरह की बैठकें यह सुनिश्चित करती हैं कि राज्य में खेलों का माहौल उत्तम बना रहे और खेल संस्कृति को बढ़ावा मिले। राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद का यह प्रयास प्रदेश के खिलाड़ियों और खेलों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण बनाने में सहायक सिद्ध होगा।