फाजिल्का: छठे वेतन आयोग की मांग पर पेंशनर्स ने भूख हड़ताल के साथ विधानसभा कूच की ठानी!

फाजिल्का में पेंशनर्स एसोसिएशन ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर डिप्टी कमिश्नर ऑफिस के बाहर भूख हड़ताल की शुरुआत की है। इस हड़ताल में एसोसिएशन के 11 सदस्य शामिल हैं, जिन्होंने सरकार की अनदेखी के खिलाफ अपनी आवाज उठाई है। पेंशनर्स की मुख्य मांगों में 6वें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार 2.59 के गुणांक के साथ पेंशन का संशोधन, वेतन आयोग के अनुसार बकाया एरियर की अदायगी, और महंगाई भत्ते (डीए) का त्वरित भुगतान शामिल है।

इसके अलावा, पेंशनर्स एसोसिएशन ने केंद्र सरकार के समान 11% महंगाई भत्ते की तीन किस्तों का भी मांग की है। एसोसिएशन के सदस्यों का कहना है कि यदि उनकी उचित मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो इस हड़ताल का यह कदम धीरे-धीरे बड़ा रूप धारण करेगा। उन्होंने ये भी उल्लेख किया कि वे एक कैशलेस हेल्थ कार्ड स्कीम की मांग कर रहे हैं जिससे पेंशनर्स को स्वास्थ्य सेवाओं में आसानी हो सके।

पेंशनर्स एसोसिएशन के जिला कन्वीनर हरभजन सिंह खुंगर ने जानकारी दी कि 10-11 फरवरी को एक विशाल प्रतिनिधिमंडल फाजिल्का, बल्लुआना और जलालाबाद हलकों के विधायकों को अपने मांग-पत्र सौंपने का कार्य करेगा। यह कदम यह दर्शाता है कि पेंशनर्स की नाराजगी और भी गहरी होती जा रही है और वे बिना किसी समझौते के अपने अधिकारों के लिए खड़े रहने को तैयार हैं।

हड़ताल में शामिल प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगे समय पर नहीं मानी गईं, तो वे विधानसभा सत्र से पहले विधानसभा की ओर बढ़ेंगे। इसके साथ ही, मोहाली में सरकार के खिलाफ एक बड़ी महारैली का भी आयोजन करने का निर्णय लिया गया है। ये घटनाएं इस बात को स्पष्ट करती हैं कि पेंशनर्स एसोसिएशन अपनी जायज मांगों को लेकर कितनी गंभीरता से आगे बढ़ रही है।

इस हड़ताल का समर्थन करते हुए पेंशनर्स एसोसिएशन ने यह भी बताया कि उनकी सहानुभूति केवल पेंशनर्स के साथ नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के साथ है जो सही तरीके से अपने हक के लिए लड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इस समय, सरकार को इस समस्या का समाधान निकालने की सख्त जरूरत है ताकि पेंशनर्स की लंबे समय से ब pending मांगें सुनी जा सकें और उनका जीवन स्तर उठ सके।