अबोहर में 42 किलो चूरा पोस्त बरामद: ट्रकों में छुपाकर लाए तीन तस्कर धराए!
पंजाब के अबोहर में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास 42 किलो से ज्यादा पोस्त बरामद किया गया है। सीआईए स्टाफ की टीम ने सीतो गुन्नों चौक पर नाकेबंदी के दौरान दो ट्रकों की तलाशी ली। इस दौरान भारी मात्रा में नशीला पदार्थ पाया गया। पुलिस ने पहले ट्रक (पीबी 06-बीबी 5536) से 21 किलो 794 ग्राम और दूसरे ट्रक (पीबी 05एआर-1966) के केबिन में छुपाए गए प्लास्टिक गत्ते से 20 किलो 556 ग्राम पोस्त बरामद किया। यह तस्करी की बड़ी घटना संकेत देती है कि इस क्षेत्र में नशे का कारोबार काफी बढ़ रहा है।
पकड़े गए तस्करों में लुधियाना जिले के तीन निवासी शामिल हैं। इनमें सतपाल उर्फ काला, मेजर सिंह और हरजीत सिंह का नाम सामने आया है। जांच अधिकारियों के मुताबिक, थाना बहाववाला पुलिस ने दोनों ट्रकों को जब्त कर लिया है और आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट की धारा 15, 29, 61 और 85 के तहत इन तीनों तस्करों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों को जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा और उनकी रिमांड प्राप्त कर गहराई से पूछताछ की जाएगी। यह पूछताछ यह जानने के लिए की जाएगी कि इतनी बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ कहां से लाया गया था और इसकी सप्लाई की योजना किस तरह बनाई गई थी। इस मामले से नशे के नेटवर्क को उजागर करने की कोशिश की जाएगी, जिससे ऐसे अवैध कारोबार पर अंकुश लगाया जा सके।
इस घटना ने फिर से पंजाब में नशे का बढ़ता कारोबार का मुद्दा उठाया है। अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में नशे के तस्करों ने इस क्षेत्र में आतंक मचाया हुआ है। उचित जांच और कड़ी कार्रवाई के माध्यम से पुलिस इस समस्या से निपटने का प्रयास कर रही है। तस्करी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी के कारण, स्थानीय पुलिस को अधिक सतर्क रहना पड़ रहा है ताकि नशीली पदार्थों के इस कारोबार को रोका जा सके और संबंधित आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
इस प्रकार की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि पुलिस की सक्रियता और सतर्कता नशे के मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उम्मीद की जा रही है कि इस मामले के समाधान से पंजाब में नशीले पदार्थों की तस्करी पर नियंत्रण पाने में सहायता मिलेगी और इस दिशा में समाज में जागरूकता बढ़ाने की भी आवश्यकता है।









