जालंधर एनकाउंटर: जग्गू भगवानपुरिया के गुर्गे को गोली, पुलिस ने हथियार जब्त किए!

पंजाब के जालंधर में आज सुबह पुलिस और एक गैंगस्टर के बीच हुई मुठभेड़ ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। पुलिस टीम एक बदमाश की गिरफ्तारी के बाद उससे हथियार बरामद करने के लिए गई थी, लेकिन अचानक बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इस जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गैंगस्टर को घायल कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप उसे उपचार के लिए सिविल अस्पताल में ले जाया गया। जालंधर के पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा मौके पर पहुंच गए हैं और इस घटनाक्रम के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

गैंगस्टर का नाम मनजीत है, जोकि जग्गू भगवानपुरिया के आपराधिक नेटवर्क का एक सदस्य है। पुलिस ने बताया कि जग्गू भगवानपुरिया के गुर्गे से मिलने के लिए पुलिस कर्मी उसे गिरफ्तार करके जमशेद खास इलाके में ले गए थे, जहां से उन्हें हथियारों की बरामदगी करनी थी। जैसे ही पुलिस ने उसे ले जाने की कोशिश की, बदमाश ने आत्मरक्षा में आगे बढ़ते हुए उन पर गोली चला दी। इस दौरान दोनों ओर से करीब 15 राउंड गोलियों की फायरिंग हुई। घायल गैंगस्टर के पास से पुलिस ने छह हथियार और गोलियों का सिक्का भी बरामद किया।

गिरफ्तार किए गए गैंगस्टर के खिलाफ विभिन्न मामलों में कुल 11 FIR दर्ज हैं, जिसमें नारकोटिक्स, हथियार व्यापार और जबरन वसूली शामिल है। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि गैंगस्टर मनजीत की उम्र लगभग 22 वर्ष है और वह जंडियाला गांव का रहने वाला है। उसने अपने आपराधिक करियर की शुरुआत कबड्डी से की थी, लेकिन जल्द ही वह जर्म की दुनिया में शामिल हो गया। जग्गू ने अपने नाम के आगे भगवानपुरिया जोड़कर एक गैंगस्टर के रूप में पहचान बनाई।

जग्गू भगवानपुरिया का आपराधिक नेटवर्क उत्तर भारत के कई राज्यों में फैला हुआ है। उसने शार्प शूटरों की भर्ती कर एक बड़ा अपराध साम्राज्य खड़ा किया है। उसकी व्यापारिक योजनाओं में हथियारों की सप्लाई शामिल है, जो कि वह बॉर्डर पार से ला कर अपनी गैंग के जरिये बेचता है। जग्गू का मुख्य एजेंडा कम समय में अधिक पैसे कमाना था, जिसके लिए वह किसी भी हद तक जा सकता था, यहां तक कि हत्याएं भी करवा सकता था।

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जग्गू के ऊपर विभिन्न अन्य वारदातों का भी संदेह है, जिनकी जांच चल रही है। इस मुठभेड़ ने दोबारा यह सिद्ध कर दिया है कि पंजाब में संगठित अपराध पर काबू पाने की दिशा में पुलिस की मेहनत लगातार जारी है। पुलिस प्रशासन का प्रयास है कि ऐसे अपराधियों को पकड़कर कानून के हवाले किया जाए ताकि समाज में अपराध को खत्म किया जा सके। इस प्रकार की मुठभेड़ों से यह भी पता चलता है कि पुलिस अपराधी तत्वों पर नकेल कसने के लिए कितनी गंभीर है।