पंजाब में फिल्म सिटी का सपना जल्द होगा सच, 100 करोड़ पार कमा रहीं पंजाबी फिल्में!
बठिंडा में हाल ही में चौथा फिल्म महोत्सव आयोजित किया गया, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों के फिल्म निर्माताओं ने अपनी कद्रदानी लघु फिल्में और फीचर फिल्में प्रदर्शित कीं। इस महोत्सव में विभिन्न भाषाओं और विषयों पर आधारित अनेक बेहतरीन रचनाएं देखने को मिलीं। प्रदर्शित फिल्में फर्स्ट, सेकेंड और थर्ड श्रेणी में वर्गीकृत की गईं। इस आयोजन को पंजाब के मशहूर फिल्मी चेहरे सरदार सोही, महावीर भुल्लर, डॉ. सुनीता धीर और रूपिंदर कौर रूपी ने सफलतापूर्वक आयोजित किया।
इस कार्यक्रम में पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह महोत्सव एक सकारात्मक और महत्वपूर्ण पहल है, जो नए फिल्म निर्माताओं और अभिनेताओं को पंजाबी सिनेमा में अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार जल्द ही मोहाली में एक फिल्म सिटी का निर्माण करने जा रही है, जिससे ना केवल पंजाबी फिल्मों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि फिल्म उद्योग में लोकल कलाकारों को भी काम करने के नए अवसर मिलेंगे।
सरदार सोही ने सिनेमा के बदलते चेहरे पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि पहले एक फिल्म बनाने में 4 लाख रुपये लगते थे, लेकिन अब पंजाबी फिल्में 100 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर रही हैं। उन्होंने नए निर्माताओं और तकनीकी कौशल के साथ काम कर रहे युवाओं की मेहनत की सराहना की। बठिंडा में बने बलवंत गार्गी ऑडिटोरियम का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि यह ऑडिटोरियम अन्य जगहों की तुलना में विशिष्ट है, और इसका उद्देश्य क्षेत्र की सिनेमा कला को और भी आगे बढ़ाना है।
फिल्म कलाकार डॉ. सुनीता धीर ने इस महोत्सव के आयोजकों को बधाई दी और कहा कि इस वर्ष महोत्सव में प्रदर्शित फिल्में न केवल मनोरंजक थीं, बल्कि सामाजिक विषयों को भी उठाने में सफल रहीं। उनका मानना है कि निर्माता कड़ी मेहनत कर रहे हैं, और भविष्य में हम और भी उत्कृष्ट परिणाम देखने की उम्मीद कर सकते हैं।
महोत्सव में ‘पूरन मशी’ फिल्म को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार मिला, जिसके बाद अभिनेत्री पूनम सूद ने अपनी खुशी व्यक्त की और अच्छे काम की सराहना की। इस समारोह ने पंजाब के फिल्म उद्योग की विकास यात्रा को एक नई दिशा दी है और नए अवसरों का आह्वान किया है। यह महोत्सव पंजाबी फिल्मों के लिए एक महत्वपूर्ण घटना साबित होगा, जिसका असर आने वाले समय में देखने को मिलेगा।









