लुधियाना सिविल सर्जन का अचानक दौरा: मरीजों से सीधे फीडबैक लिया, स्टाफ हाजिरी परखें!
लुधियाना के सिविल सर्जन डॉ. प्रदीप कुमार ने शनिवार को सरकारी अस्पतालों की अचानक जांच करने का निर्णय लिया। इस चेकिंग का उद्देश्य अस्पताल के स्टाफ की अनुपस्थिति को रोकना और मरीजों से फीडबैक लेकर अस्पताल की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन करना था। अपराह्न में उन्होंने खन्ना सिविल अस्पताल का दौरा किया, जिससे अस्पताल की सेवाओं और कार्यशैली का अवलोकन किया जा सके। इस दौरान, खन्ना सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. मनिंदर सिंह भसीन ने अपने पूरे दल के साथ सिविल सर्जन का स्वागत किया।
चेकिंग के दौरान, डॉ. प्रदीप कुमार ने अस्पताल के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण किया। सबसे पहले उन्होंने ब्लड बैंक का निरीक्षण किया, इसके बाद उन्होंने जनरल और गायनी वार्डों में जाकर वहां भर्ती मरीजों से बातचीत की। ओपीडी वार्ड में पहुँचकर उन्होंने डॉक्टरों द्वारा मरीजों का चेकअप करने की प्रक्रिया का फीडबैक लिया और यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि मरीजों को उपचार में कोई कठिनाई ना हो। इसके बाद, सिविल अस्पताल के पार्किंग क्षेत्र और ट्रामा सेंटर वार्ड का भी जायजा लिया गया।
चेकिंग के समापन के बाद, मीडिया से बात करते हुए डा. प्रदीप कुमार ने कहा कि एसएमओ डॉ. मनिंदर भसीन के मार्गदर्शन में अस्पताल का संचालन सुचारु रूप से हो रहा है। उन्होंने बताया कि पूरा स्टाफ गंभीरता से काम कर रहा है, लेकिन उन्होंने कुछ सुधार सुझाव भी दिए हैं। वे यह आशा व्यक्त करते हैं कि इन सुझावों के आधार पर अस्पताल की सेवाओं में और अधिक सुधार होगा। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वे सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाएं।
डॉक्टर ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलवीर सिंह की पहल का भी उल्लेख किया, जिसके तहत लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अंतर्गत, आयुष्मान कार्ड धारकों को 5 लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज प्रदान किया जा रहा है। डॉ. मनिंदर भसीन ने सिविल सर्जन को यह भरोसा दिलाया कि वे अस्पताल की सेवाओं को उच्चतम स्तर पर बनाए रखेंगे और मरीजों को किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करने देंगे। इस अवसर पर डॉ. गुरविंदर सिंह कक्कड़ एवं नर्सिंग सिस्टर कुलवीर कौर समेत अन्य अस्पताल स्टाफ भी मौजूद थे।
इस प्रकार, डॉ. प्रदीप कुमार की जांच ने न केवल अस्पताल के प्रशासन की स्थिति का मूल्यांकन किया, बल्कि मरीजों के अनुभव को भी समझने का प्रयास किया, जिससे स्वास्थ्य सेवा में और सुधार लाने की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकें।










