जगराओं में दुकान में भयंकर आग, गाडर पिघले! कई कंपनियों के डिस्ट्रीब्यूटर की दुकान खाक!
दीवाली की रात एक दुखद घटना ने रायकोट के नजदीक जगराओं में अफरा-तफरी मचा दी, जब एक दुकान में अचानक आग लग गई। यह आग इतनी भयंकर थी कि देखते ही देखते करोड़ों रुपए का सामान जलकर राख में बदल गया। इस घटना के तुरंत बाद फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। बंसल इंटरप्राइजेज के मालिक संदीप बंसल ने इस घटना के बारे में बताते हुए कहा कि वह अपनी दुकान को शाम 6:30 बजे बंद कर घर चले गए थे, लेकिन रात 10:00 बजे चौकीदार का फोन आने पर उन्हें इस आगजनी की जानकारी मिली।
जब संदीप बंसल मौके पर पहुंचे और दुकान का शटर खोला, तब उन्होंने देखा कि उनके दुकान में रखा सामान जल रहा है। आग की तीव्रता इतनी बढ़ गई थी कि वह जल्दी ही पूरी दुकान में फैल गई। इसकी गर्मी ने लोहे की गाडर को भी प्रभावित किया, जिससे वह नीचे गिर गए और पूरी छत ढह गई। इसके साथ ही, दुकान में हाल ही में स्थापित किया गया 25 किलोवाट का सोलर पैनल भी छत के गिरने से टूटकर गिर गया। यह पैनल चार दिन पहले ही लगभग 12 लाख रुपए की लागत से स्थापित किया गया था, जिससे इस नुकसान की मात्रा और भी बढ़ गई।
फायर ब्रिगेड की टीम ने कई घंटों की मेहनत के बाद आग को बुझाने में सफलता पाई, लेकिन तब तक दुकान में रखा करीब डेढ़ करोड़ रुपए का सामान जलकर राख हो चुका था। इसमें कोल्ड ड्रिंक्स, सॉफ्ट ड्रिंक्स, रिफाइंड ऑयल, सरसों का तेल, कन्फेक्शनरी, बेकरी का सामान और कई फ्रिज शामिल थे। संदीप बंसल ने बताया कि उनकी दुकान कई कंपनियों के बोनस डिस्ट्रीब्यूटर के रूप में काम कर रही थी और दिवाली के अवसर पर उन्होंने इन कंपनियों से अधिक मात्रा में माल मंगवाया था, जिसके कारण नुकसान और भी ज्यादा बड़ा हो गया।
इस हादसे ने ना केवल संदीप बंसल को बल्कि उनके ग्राहकों और कर्मचारियों को भी प्रभावित किया है। अब सवाल यह उठता है कि क्या इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए उचित सुरक्षा उपाय किए गए थे या नहीं। इस दुर्घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि आग की सुरक्षा के मानकों का पालन करना कितना महत्वपूर्ण है। स्थानीय प्रशासन और फायर विभाग को इस हादसे की जांच करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। इस घटना ने दीवाली का त्योहार खुशी के बजाय दुख और पीड़ा में बदल दिया है, और इसके कारण व्यापारियों का पूंजी योगदान भी प्रभावित हुआ है।









