चंडीगढ़-पंजाब का दम घुटा: 6 शहरों में AQI 300+, मंडी गोबिंदगढ़ सबसे प्रदूषित!

चंडीगढ़ और पंजाब के अन्य शहरों में तापमान में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, राज्य के औसत तापमान में 0.1 डिग्री की मामूली कमी आई है, जबकि चंडीगढ़ में यह बदलाव 1.3 डिग्री तक पहुंच गया है। यहां अधिकतम तापमान 33.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री के आसपास संतुलित हो रहा है। पंजाब के सबसे गर्म शहरों में बठिंडा और फरीदकोट को शामिल किया जा सकता है, जहां तापमान 35.9 डिग्री दर्ज किया गया है। वहीं, पठानकोट सबसे ठंडा शहर बना रहा, जहां तापमान केवल 14.4 डिग्री था।

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में तापमान में निरंतर गिरावट की भविष्यवाणी की है। दिवाली के बाद मौसम में और अधिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हालाँकि, आगामी एक सप्ताह में बारिश की कोई संभावना नहीं है, और उत्तर भारत में ठंडी और शुष्क स्थिति जारी रहने की उम्मीद की जा रही है। इस मौसम के परिवर्तन के साथ-साथ पंजाब में प्रदूषण भी लोगों के लिए समस्या पैदा कर रहा है। चंडीगढ़ समेत पंजाब के छह शहरों के आस-पास प्रदूषण का स्तर यलो जोन में पहुंच चुका है, और चंडीगढ़- पंजाब का सबसे प्रदूषित शहर मंडी गोबिंदगढ़ है, जहां औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 204 दर्ज किया गया।

शेष पंजाब के शहरों का औसत AQI 200 से नीचे रहने के बावजूद, चंडीगढ़ सहित छह शहरों में AQI 300 के पार जा चुका है। चंडीगढ़ में रात 11 बजे AQI 318 रिकॉर्ड किया गया, जबकि अमृतसर की स्थिति और भी गंभीर थी, जहां यह AQI 375 पर पहुंच गया। जालंधर ने सुबह 5 बजे AQI 303 दर्ज किया, और खन्ना, लुधियाना, मंडी गोबिंदगढ़ और पटियाला जैसे शहरों ने भी AQI के उच्च स्तर को छुआ है। पिछले दिन लुधियाना में तापमान 33.4 डिग्री, मोहाली में 33.9 डिग्री, अमृतसर में 32.3 डिग्री और पटियाला में 34.5 डिग्री के आसपास रहा।

विश्वास के साथ, चंडीगढ़ का तापमान आगामी दिनों में 17 से 34 डिग्री के बीच रहने की उम्मीद है। मोहाली में आज के दिन तापमान 18 से 34 डिग्री, अमृतसर में 17 से 32 डिग्री, जालंधर में 16 से 32 डिग्री, लुधियाना में 17 से 32 डिग्री और पटियाला में 18 से 33 डिग्री रहने का अनुमान है। चूंकि मौसमी बदलाव आ रहा है, लोगों को तापमान और प्रदूषण स्तर पर ध्यान देने की सख्त जरूरत है। इस दौरान सर्दी की तैयारी और प्रदूषण से बचाव के उपाय अपनाना आवश्यक है। मौसम के इस उतार-चढ़ाव के बीच, अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखकर और सुरक्षात्मक कदम उठाकर लोग इस मौसम की चुनौतियों का सामना कर सकते हैं।