देश की शान: जालंधर की रेचल गुप्ता बनीं पहली भारतीय मिस ग्रैंड इंटरनेशनल!

पंजाब के जालंधर की निवासी रेचल गुप्ता ने शुक्रवार को थाईलैंड के बैंकॉक में आयोजित मिस ग्रैंड इंटरनेशनल प्रतियोगिता में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इस सफलता के साथ ही रेचल भारत के लिए इस प्रतिष्ठित खिताब को जीतने वाली पहली भारतीय बन गईं हैं। इस कार्यक्रम के दौरान उन्हें पेरू की लुसियाना फस्टर ने ताज पहनाया। उनकी इस जीत से न केवल भारत का नाम रोशन हुआ है, बल्कि यह सम्पूर्ण देश के लिए गर्व का पल है। कार्यक्रम में फिलीपींस की क्रिस्टीन जूलियन ओपियाजा फर्स्ट रनर-अप रही, जबकि म्यांमार की थाई सु न्येन, फ्रांस की सफिटो कबेंगेले और ब्राजील की तलिता हार्टमैन ने क्रमशः अन्य स्थानों पर कब्जा किया।

रेचल गुप्ता की ऊँचाई लगभग 5.10 फीट है और उनकी उम्र केवल 20 वर्ष है। जालंधर में जन्मी और पली-बढ़ी रेचल मॉडलिंग और अभिनय में करियर बनाने की ओर अग्रसर हैं। वह हिंदी, अंग्रेजी और पंजाबी भाषाओं में दक्षता रखती हैं और युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा बन चुकी हैं। रेचल ने इस खिताब को जयपुर के जी स्टूडियो में 11 अगस्त 2024 को आयोजित ग्लैमानंद सुपरमॉडल इंडिया 2024 के राष्ट्रीय फाइनल में उत्तम प्रदर्शन करते हुए जीता। इस प्रतियोगिता के दौरान, उन्होंने मिस टॉप मॉडल, मिस ब्यूटी विद अ परपज, बेस्ट इन रैंपवॉक और बेस्ट नेशनल कॉस्ट्यूम जैसे चार विशेष पुरस्कार भी जीते, जिससे उन्हें मिस ग्रैंड इंटरनेशनल का भारत का प्रतिनिधि बनने का मौका मिला।

अपनी इस सफलता के बारे में बात करते हुए रेचल ने कहा, “मैं गर्व से कहती हूं कि मेरा देश भारत है।” उन्होंने अपने व्याख्यान में सामाजिक मुद्दों की ओर ध्यान दिलाया, stating कि भारत में कई लोग अभी भी खाद्य, पानी, शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि यह सच केवल भारत के लिए नहीं, बल्कि दुनिया के अन्य हिस्सों के लिए भी समान है। वह चाहती हैं कि लोग एक-दूसरे के प्रति सम्मान दिखाएं और जमीन पर उपलब्ध संसाधनों का अधिक समान वितरण सुनिश्चित करें।

रेचल ने मीडिया के प्रति भी आभार व्यक्त किया और इस खिताब की जीत के बाद अपने विचार साझा किए। उन्होंने गंभीरता से बताया कि आज की दुनिया में जनसंख्या वृद्धि और संसाधनों की कमी के चलते गरीबी एक गंभीर समस्या बन चुकी है। उनका मानना है कि अब समय आ गया है कि विश्व नेता अपनी जिम्मेदारियों को समझें और सभी के लिए पर्याप्त संसाधनों के वितरण को सुनिश्चित करें। उन्होंने सुझाव दिया कि विभिन्न देशों में जन्म नियंत्रण विधियों को बढ़ावा देकर इस दिशा में एक ठोस कदम उठाया जा सकता है। इस प्रकार, रेचल गुप्ता ने न सिर्फ एक प्रतिस्पर्धा जीती, बल्कि उन्होंने अपने विचारों के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने का भी कार्य किया है।