पंजाब-चंडीगढ़ में शीतलहर का आगाज़: तापमान गिरा, 24 अक्टूबर तक साफ मौसम!

हाल के दिनों में पंजाब और चंडीगढ़ के मौसम ने एक महत्वपूर्ण बदलाव देखा है, जहाँ सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक का अनुभव शुरू हो गया है। जबकि दिन में गर्मी का असर जारी है, पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 0.3 डिग्री की गिरावट आई है। राज्य के सभी जिलों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कमी दर्ज की गई है। फिलहाल, फरीदकोट में 34.0 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे अधिक तापमान देखा गया है, जबकि 12 जिलों में तापमान 34 डिग्री से कम है। इनमें अमृतसर, लुधियाना, पठानकोट, और जालंधर जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं।

मौसम परिवर्तन की प्रमुख वजह वेस्टर्न डिस्टरबेंस रही है। यह प्रणाली जम्मू कश्मीर क्षेत्र में सक्रिय होने के कारण आसपास के इलाकों में तापमान को प्रभावित कर रही है। इस गतिविधि के चलते जम्मू और हिमाचल प्रदेश से सटे क्षेत्रों में तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। रिपोर्ट के अनुसार, सभी जिलों का न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज किया गया है, जिसमें पठानकोट सबसे कम 17.1 डिग्री सेल्सियस और चंडीगढ़ में 19.8 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ रिकॉर्ड किया गया है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 24 अक्टूबर तक बारिश की संभावना नहीं है, और अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान सामान्य रहने की संभावना है। अक्टूबर माह में अब तक केवल 2.4 मिमी वर्षा हुई है, जबकि इस समय के दौरान आमतौर पर 4.0 मिमी वर्षा होती है। इस प्रकार, इस महीने अब तक 39% कम वर्षा का अनुभव किया गया है, जो कि मौसम की सामान्य स्थिति के अनुसार चिंताजनक है।

पंजाब के प्रमुख शहरों में तापमान की स्थिति कुछ इस प्रकार है: चंडीगढ़ में वीरवार को अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। आज आसमान में हल्के बादल छाएंगे, और तापमान 20 से 34 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। अमृतसर में, वीरवार को अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री था, जिसमें आज भी हल्के बादल रहने की उम्मीद है। अन्य शहरों जैसे जालंधर, पटियाला और मोहाली में भी माहौल में बदलाव देखने को मिल रहा है, जहाँ तापमान और बादल छाने की संभावना बनी हुई है।

इस तरह, मौसम का यह परिवर्तन न केवल ठंडक का एहसास करा रहा है, बल्कि गर्मी और बारिश के अनुपात में भी असंतुलन का संकेत दे रहा है। इसके चलते स्थानीय किसान और अन्य समुदाय भी अपने कृषि और दैनिक गतिविधियों के अनुसार आवश्यक फैसले लेने के लिए बाध्य हो रहे हैं। मौसम के इस अनिश्चित बदलाव ने सभी को एक नई चुनौती का सामना करने के लिए प्रेरित किया है।