पंजाब में भाजपा का बड़ा दांव: कांग्रेस-अकाली से आए तीन नेता बने उम्मीदवार!
पंजाब की चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तैयारियाँ तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पहले ही तीन उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। जिनमें डेरा बाबा नानक से रविकरण काहलों, गिद्दड़बाहा से मनप्रीत सिंह बादल और बरनाला से केवल ढिल्लों को मैदान में उतारा गया है। हालांकि चब्बेवाल सीट पर अभी तक किसी उम्मीदवार का नाम सामने नहीं आया है। मनप्रीत बादल, जो पहले अकाली दल का हिस्सा थे, वह इसके बाद भाजपा में शामिल हुए, जबकि रविकरण काहलों भी अकाली दल से भाजपा में आए हैं। केवल ढिल्लों ने कांग्रेस को छोड़कर बीजेपी का दामन थामा है।
बता दें कि आम आदमी पार्टी (AAP) ने पहले ही इन चारों सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। गिद्दड़बाहा से हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों, बरनाला से हरिंदर सिंह धालीवाल, चब्बेवाल से इशांक सिंह चब्बेवाल और डेरा बाबा नानक से गुरदीप सिंह रंधावा को टिकट दिया गया है। हालांकि, कांग्रेस और अकाली दल की ओर से अभी तक किसी भी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की गई है। मनप्रीत बादल, जो गिद्दड़बाहा सीट से पहले भी विधायक रह चुके हैं, उन्होंने 1995 में अकाली दल की टिकट पर चुनाव जीता था। इसके बाद उन्होंने 1997, 2002 और 2007 में भी जीत हासिल की और 2007 में उन्हें वित्तमंत्री भी बनाया गया।
रविकरण काहलों की बात करें, तो उनकी राजनीतिक विरासत काफी मजबूत है। उनके पिता, निर्मल सिंह काहलों, पंजाब विधानसभा के स्पीकर और मंत्री रह चुके थे। रविकरण ने 2022 के विधानसभा चुनाव में डेरा बाबा नानक से टिकट तो लिया, लेकिन जीत नहीं पाए। हाल ही में, सुच्चा सिंह लंगाह की शिरोमणि अकाली दल में वापसी के बाद, उन्होंने अकाली दल छोड़कर भाजपा जॉइन की।
दूसरी ओर, केवल ढिल्लों, जो बरनाला से भाजपा के उम्मीदवार बने हैं, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी माने जाते हैं। उन्होंने 2022 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने का फैसला लिया। ढिल्लों दो बार बरनाला के विधायक रह चुके हैं और कांग्रेस के खिलाफ मैदान में उतरे थे। 2017 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था और 2022 में भी चुनावों के दौरान उन्होंने पार्टी में असंतोष दिखाया था, जिसके चलते उन्हें अंततः कांग्रेस से निकाल दिया गया।
पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी. सिबन के अनुसार, इन चार विधानसभा क्षेत्रों में कुल 6,96,316 मतदाता हैं, जिनके लिए 831 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। इनमें सबसे अधिक मतदाता डेरा बाबा नानक क्षेत्र में हैं, जहाँ 1,93,268 मतदाता है, जबकि चब्बेवाल, गिद्दड़बाहा और बरनाला में भी क्रमशः 159,254, 166,489 और 177,305 मतदाता मौजूद हैं। इन चारों सीटों पर उपचुनाव में मतदान 10 अक्टूबर को होगा, जो लोकसभा चुनाव के बाद खाली हुई सीटों के लिए आयोजित किया जा रहा है।
इन उपचुनावों में कांग्रेस और अकाली दल जैसी प्रमुख पार्टियों की ओर से उम्मीदवारों की घोषणा न होना चर्चा का विषय है। पंजाब की राजनीति में इन चुनावों का महत्वपूर्ण स्थान है, जहां इन सीटों के लिए बीजेपी, AAP और अन्य दलों के प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। आगामी चुनाव परिणामों का Punjab की राजनीतिक धारा पर असर पड़ सकता है।









