चंडीगढ़ में ग्रेनेड हमला: NIA ने जांच के लिए संभाली कमान, दो आरोपी गिरफ्तार!

चंडीगढ़ के सेक्टर 10 में 11 सितंबर, 2024 को हुए एक ग्रेनेड हमले की जांच अब नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) द्वारा की जाएगी। इस घटना में दो आतंकी एक ऑटो-रिक्शा में सवार होकर एक रिटायर्ड प्रिंसिपल के घर पर ग्रेनेड फेंकने में सफल हुए। हालांकि इस हमले में किसी प्रकार की हताहत नहीं हुई, किन्तु ग्रेनेड गिरने से घर की खिड़कियों के शीशे टूट गए। हमले के पीछे संभावित आतंकी षड्यंत्र को लेकर NIA ने इस मामले को अपने हाथों में लेने का निर्णय लिया है। पुलिस ने पहले से ही सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से ऑटो चालक की पहचान कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी थी।

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की पहचान रोहन मसीह और विशाल के रूप में की। इन दोनों को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई, जिसके परिणामस्वरूप पता चला कि यह हमले का आदेश पाकिस्तान स्थित आतंकवादी रिंदा और अमेरिका में बसने वाले गैंगस्टर हैप्पी पासिया ने दिया था। पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट भी तैयार कर ली थी और इसे न्यायालय में पेश करने की योजना बनाई थी। अब जब यह मामला NIA के पास गया है, तो एजेंसी सभी सबूतों और मामले से जुड़ी जानकारियों को चंडीगढ़ पुलिस से प्राप्त कर रही है।

इस हमले की प्रकृति को देखते हुए NIA के लिए आगे की जांच करना अपेक्षाकृत आसान होगा। एजेंसी ने पहले ही घटना स्थल का दौरा किया है और वहां मिली जानकारी को गंभीरता से लिया है। हमले का शिकार हुए घर के मालिक, रिटायर्ड प्रिंसिपल केके मल्होत्रा, ने इस घटना के समय अपने परिवार के साथ बरामदे में बैठे थे। जैसे ही उनके उठने के बाद ग्रेनेड फेंका गया, उन्होंने आरोपी को देख लिया। ग्रेनेड घर के बगीचे में गिरा, जिससे एक 8 इंच का गड्ढा बन गया और आस-पास के घरों की खिड़कियों के शीशे भी टूट गए।

यह संवाददाता इसके पहले भी इस क्षेत्र के संदर्भ में जानकारी प्राप्त कर चुका है कि रिटायर्ड प्रिंसिपल केके मल्होत्रा से पहले इस घर में पंजाब पुलिस के रिटायर्ड एसएसपी हरकीरत सिंह रहते थे। यह हमले का स्थान चंडीगढ़ का पॉश क्षेत्र है, जहां अक्सर शांति का माहौल रहता है। ऐसे में इस प्रकार की हिंसक गतिविधियों का होना लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। अब NIA की जांच इस दिशा में महत्वपूर्ण होगी कि कैसे और क्यों इस सुरक्षित क्षेत्र को आतंकियों का निशाना बनाया गया।

इस घटना ने न केवल चंडीगढ़ की सुरक्षा को चुनौती दी है, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद का खतरा कहीं भी हो सकता है। अब सभी की निगाहें NIA पर होंगी, कि वह इस मामले का कैसे समाधान करती है और क्या ऐसा दोबारा नहीं होने देने के लिए ठोस कदम उठाएगी।