बरनाला में डेंगू अलर्ट: विशेष स्पेशल वार्ड, मुफ्त जांच व छिड़काव शुरू!
पंजाब में डेंगू के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिससे बरनाला का स्वास्थ्य विभाग सक्रियता से तैयारी कर रहा है। हाल ही में, सरकारी अस्पताल में डेंगू संक्रमित मरीजों के लिए एक विशेष वार्ड स्थापित किया गया है। सिविल सर्जन डॉ. तपिंदर जोत ने जानकारी दी कि इस वार्ड का उद्देश्य डेंगू के मामलों को प्रभावी ढंग से संभालना है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें जिलेभर में डेंगू के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए अभियान चला रही हैं और लोगों को इस गंभीर बीमारी के प्रति सतर्क करने का काम कर रही हैं।
शहर के सरकारी अस्पतालों में डेंगू की जांच निःशुल्क की जा रही है, जो कि मरीजों के लिए राहत की बात है। डॉ. तपिंदर ने जोर दिया कि डेंगू से बचने के लिए लोगों को खुद को जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि डेंगू का मच्छर मुख्य रूप से रुके हुए पानी में पनपता है, इसलिए नागरिकों को अपने आसपास पानी जमा न होने देने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, सुबह और शाम के समय अपने शरीर को अच्छे से ढंक कर रखने को भी कहा गया है ताकि मच्छरों के काटने से बचा जा सके।
सिविल अस्पताल बरनाला के मेडिसिन विभाग के डॉक्टर रिशव गर्ग ने भी डेंगू के इलाज की स्थिति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अस्पताल में डेंगू के मरीजों का समुचित उपचार किया जा रहा है और पूरे शहर में मच्छर नाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। अगर कोई भी व्यक्ति डेंगू के लक्षण लेकर सरकारी अस्पताल आता है, तो स्वास्थ्य विभाग उसके इलाज के लिए पूरी तरह से तैयार है। डॉ. गर्ग ने यह भी बताया कि जागरूकता सबसे प्रभावशाली इलाज है क्योंकि डेंगू एक संक्रामक बीमारी है।
यह आवश्यक है कि नागरिक डेंगू मच्छर के काटने से बचें, क्योंकि एक मच्छर के काटने से डेंगू वायरस दूसरे व्यक्तियों में भी फैल सकता है। इसलिए, संबंधित सभी को त्वचा के नुकसान को रोकने के लिए अपने हाथ, पैर और टांगों को ढंककर रखने की आवश्यकता है। बरनाला का स्वास्थ्य विभाग इस बार डेंगू के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है, और वे लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं। समुदाय को इस स्थिति के प्रति सजग रहना होगा और डेंगू के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना होगा ताकि इस गंभीर बीमारी को फैलने से रोका जा सके।









