बलिया में बाढ़ के संभावित खतरे को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट
बलिया, 06 जुलाई (हि.स.)। गंगा व घाघरा नदियों से घिरे जिले में बाढ़ के सम्भावित खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। बाढ़ से बचाव के लिए 22 बाढ़ समितियां बनाई गई हैं। नवागत जिलाधिकारी प्रवीण कुमार ने बाढ़ के डेंजर जोन रामगढ़, गोपालपुर व दूबेछपरा में हुए कटानरोधी कार्यों को परखने के बाद विभागीय अभियंताओं को सचेत किया है। उन्होंने साफ तौर पर निर्देश दिया है कि कटानरोधी कार्य की गुणवत्ता हमेशा अच्छी होनी चाहिए।
डीएम ने मातहतों से कहा है कि हर कार्य में मानक का शत प्रतिशत ख्याल रखा जाए। अभी भी अगर कहीं कोई कमी रह गयी हो तो शीघ्र उसे ठीक करा लिया जाए। रामगढ़ में रिवेटमेंट के कार्य के निरीक्षण के दौरान लोहे की जालियों के में डाले गये पत्थर के बीच गैप होने पर जिलाधिकारी ने सवाल खड़े किए।
अधिशासी अभियंता संजय मिश्र से कहा कि थोड़ी भी लापरवाही पूरा प्रोजेक्ट बेकार कर सकती है, इसलिए कटानरोधी कार्य में मानक का पूरा ख्याल रखा जाए। उन्होंने दो दिन के अंदर पूरे गैप को भरवा कर अवगत कराने को कहा है। बारिश के पानी के कारण हुए रेन कट को भी तत्काल सही कराने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से भी बातचीत कर बाढ़ व कटान की स्थिति की जानकारी ली। अधिशासी अभियंता से कहा कि बचाव सम्बन्धी प्रोजेक्ट बनाते समय स्थानीय ग्रामीणों से भी राय-विमर्श कर लें। गोपालपुर व दूबेछपरा में हुए कटानरोधी कार्यों को देखने के बाद निर्देश दिया कि रिवेटमेंट कार्य में मानक के अनुरूप मजबूत जाली का प्रयोग किया जाए। उधर, अधिशासी अभियंता ने बताया कि ज़िले में 22 बाढ़ समितियां बनायी गयी हैं, जो बाढ़ व कटान की स्थिति की सूचना तत्काल देंगे। इससे और बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी।









