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सांसद ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से किया एमएमसीएच की व्यवस्था जांचने का आग्रह

पलामू, 24 अक्टूबर । सांसद वीडी राम ने मेदिनीनगर स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एमएमसीएच) की व्यवस्था में सुधार को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को पत्र लिखा है। लिखे पत्र में सांसद ने अस्पताल की कार्यप्रणाली, चिकित्सकों की कमी, आधारभूत संरचना और मरीजों को हो रही परेशानियों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने इसके लिए केंद्रीय जांच दल गठित कर अस्पताल का स्वतंत्र निरीक्षण कराने का आग्रह किया है।

सांसद ने पत्र में कहा है कि एमएमसीएच पलामू, गढ़वा और आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोगों के लिए सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र है। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग इलाज के लिए इसी अस्पताल पर निर्भर हैं। ऐसे में अस्पताल की व्यवस्था में कमियों का सीधा असर मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ता है।

सांसद ने चिकित्सकों और मेडिकल कॉलेज के शिक्षकों की कमी के साथ 500 बेड वाले नये अस्पताल भवन के निर्माण में हो रही देरी का मुद्दा उठाया है। उन्होंने सीटी स्कैन और डिजिटल एक्स-रे जैसी जांच सुविधाओं के संचालन में आ रही बाधाओं की भी जांच कराने का अनुरोध किया है, इसके अलावा वार्डों में बिजली-पानी की उपलब्धता, साफ-सफाई और अस्पताल के समुचित प्रबंधन की समीक्षा करने की मांग की है।

सांसद ने आउटसोर्सिंग के तहत संचालित सफाई व्यवस्था में स्वीकृत पदों और वास्तव में तैनात कर्मियों की संख्या के बीच कथित अंतर की जांच पर जोर दिया है। साथ ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) सहित केंद्र समर्थित स्वास्थ्य योजनाओं के तहत मिली राशि के उपयोग, पारदर्शिता और जवाबदेही की समीक्षा कराने की मांग की है। उन्होंने केंद्रीय जांच दल से चिकित्सकों और कर्मचारियों की उपस्थिति, रिक्त पदों, जांच उपकरणों की उपलब्धता एवं कार्यशीलता और अस्पताल भवन के निर्माण की प्रगति का विस्तृत आकलन कराने का आग्रह किया है।

सांसद ने जांच में सामने आने वाली कमियों को दूर करने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाने, संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और सुधारात्मक कदमों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने की भी मांग की है।

सांसद ने कहा कि क्षेत्र की जनता को समय पर सुरक्षित और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए। अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों का पारदर्शी उपयोग और व्यवस्था में सुधार होने से आम लोगों को बेहतर सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मामले की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक पहल करने का अनुरोध किया है।