भतीजे की बीमारी से मौत होने पर चाचा ने की बुजुर्ग की हत्या, गिरफ्तार
पलामू, 23 अक्टूबर । जिले के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के मंगराडीह गांव के शाहपुर टोला में डायन-बिसाही के अंधविश्वास में एक 61 वर्षीय व्यक्ति की हत्या किए जाने का मामला सामने आया है।
पुलिस ने मामले का उद्भेदन करते हुए मुख्य अभियुक्त सोनू राम (53) को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लकड़ी का बेंट लगा टांगी भी बरामद किया गया है। शुक्रवार को छतरपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) प्रशांत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार 21 अक्टूबर को शाहपुर टोला, मंगराडीह निवासी सीताराम (61) की हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने डायन-बिसाही के आरोप में हत्या किए जाने की आशंका जताई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस को हत्या के पीछे अंधविश्वास और संदेह की बात सामने आई।
पुलिस के अनुसार, महंग राम के 23 वर्षीय पुत्र विवेक कुमार की तबीयत पिछले कुछ दिनों से खराब थी। रांची में इलाज के दौरान 20 अक्टूबर की रात्रि उसकी मौत हो गई थी। विवेक की मौत के बाद उसके चाचा सोनू राम और परिवार के अन्य सदस्यों को संदेह हुआ कि सीताराम के डायन-बिसाही कराए जाने के कारण युवक की मृत्यु हुई है।
इसी अंधविश्वास और संदेह के चलते सीताराम की गला घोंटकर और टांगी से वार कर हत्या किए जाने की बात पुलिस अनुसंधान में सामने आई है।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले के मुख्य अभियुक्त मंगराडीह गांव के शाहपुर टोला के ही सोनू राम को गिरफ्तार कर लिया।
छापेमारी दल में नौडीहा बाजार थाना प्रभारी पुलिस अवर निरीक्षक नीरज कुमार, सहायक अवर निरीक्षक मो. आलम शेख, सहायक अवर निरीक्षक राजेश बैठा सहित थाना के सशस्त्र बल शामिल थे।
जिले के पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने आम नागरिकों से अपील की है कि डायन-बिसाही जैसी कुप्रथाओं और अंधविश्वास के लिए समाज में कोई स्थान नहीं होना चाहिए। किसी व्यक्ति की बीमारी, मृत्यु या अन्य दुर्भाग्यपूर्ण घटना के लिए किसी महिला या पुरुष को डायन-बिसाही के नाम पर दोषी ठहराना अनुचित है और कानूनन दंडनीय है।
ऐसी कुप्रथाओं के कारण निर्दाेष लोगों, विशेषकर महिलाओं को प्रताड़ना, सामाजिक बहिष्कार और हिंसा का सामना करना पड़ता है। किसी भी प्रकार की बीमारी या असामान्य घटना होने पर अंधविश्वास का सहारा लेने के बजाय चिकित्सकीय सहायता और उचित परामर्श लेना चाहिए।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रशांत कुमार ने कहा कि कानून को अपने हाथ में लेने, अंधविश्वास के आधार पर किसी को प्रताड़ित करने या हिंसा करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










