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अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का जल्द पूरा करें हैंड ओवर, गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा : मंत्री सारंग

भोपाल, 22 अक्टूबर । मध्य प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को टीटी नगर स्थित संचालनालय में अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, भोपाल के हैंडओवर तथा महिला हॉकी एशियन चेंपियनशिप की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने एमपीआरडीसी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि खेल परिसर के हैंडओवर की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए। साथ ही स्पष्ट किया कि हस्तांतरण से पहले निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और आवश्यक सुविधाओं का समुचित सत्यापन सुनिश्चित किया जाए।

मंत्री सारंग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल परिसर में खिलाड़ियों की आवश्यकताओं के अनुरूप विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होना आवश्यक है। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, लंबित कार्यों को पूरा करने और परिसर के सुचारु संचालन के लिए सभी संबंधित अधिकारी समन्वय के साथ कार्य करें। बैठक में निर्माण कार्यों की स्थिति, तकनीकी सत्यापन, मूलभूत सुविधाओं, उपकरणों की खरीदी और परिसर के संचालन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव संजीव सिंह, अपर सचिव अजय श्रीवास्तव, संचालक खेल एवं युवा कल्याण चंचल शेखर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

मंत्री सारंग ने खेल परिसर के निर्माण कार्यों एवं उपलब्ध सुविधाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट कराने तथा उसकी रिपोर्ट के आधार पर कमियों की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी संरचना का हैंडओवर लेने से पहले तकनीकी सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए। मरम्मत योग्य कार्यों की विस्तृत सूची तैयार कर उनके निराकरण के लिए चरणबद्ध कार्ययोजना बनाई जाए, ताकि सभी आवश्यक कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे हो सकें।

मंत्री सारंग ने परिसर में पेयजल, बिजली, स्वच्छता, पार्किंग सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। खेल परिसर के प्रभावी एवं सुचारु संचालन के लिए प्रशासनिक भवन, सर्वर रूम, आईटी रूम और आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण से संबंधित ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों और परिसर में आने वाले लोगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सभी सुविधाओं का समन्वित विकास किया जाए।

ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंत्री सारंग ने अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में सौर ऊर्जा के उपयोग को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश के सभी खेल परिसरों में सौर ऊर्जा व्यवस्था विकसित करने के लिए भी कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया, ताकि ऊर्जा की बचत के साथ पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाओं को प्रोत्साहित किया जा सके।

मंत्री सारंग ने निर्देश दिए कि खेल परिसर की सुविधाएं अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के निर्धारित मानकों एवं तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित की जाएं। खिलाड़ियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ परिसर में प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

खिलाड़ियों एवं आगंतुकों की सुविधा के लिए पूरे परिसर में स्पष्ट दिशा-सूचक संकेतक (साइनेज) लगाने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा परिसर में उपयुक्त स्थान पर कैफेटेरिया विकसित करने तथा विद्युत व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा, उद्यानिकी कार्य, अतिरिक्त प्रवेश द्वार और बाउंड्री वॉल के समानांतर सड़क निर्माण के लिए पृथक-पृथक परियोजना कार्ययोजनाएं तैयार करने को कहा गया।

बैठक में परिसर के सभी खंडों में दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था विकसित करने के संबंध में जानकारी दी गई। अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक उपकरणों की स्थापना तथा अतिरिक्त प्रवेश द्वार के माध्यम से आमजन, अग्निशमन वाहनों और पार्किंग क्षेत्रों तक सुगम पहुंच सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई।

मंत्री सारंग ने निर्देश दिए कि निर्माण एजेंसी द्वारा किसी भी संबद्ध एजेंसी को भुगतान करने से पहले खेल एवं युवा कल्याण विभाग से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) प्राप्त करना अनिवार्य होगा। इसी प्रकार, सभी आवश्यक खेल एवं अन्य उपकरणों की विभागीय अनुमोदन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित नियमों का पालन करते हुए निर्माण कार्यों और खरीदी की प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखने के निर्देश दिए।

बैठक में महिला हॉकी एशियन चेंपियनशिप से संबंधित तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के आयोजन को ध्यान में रखते हुए खेल सुविधाओं, आवश्यक व्यवस्थाओं और संबंधित कार्यों की स्थिति पर चर्चा की गई। प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।