प्रीतम भरतवाण के गीतों के साथ कुंजापुरी मेले का समापन, मंत्री बोले-आपसी समन्वय से सफल होते हैं बड़े आयोजन
नई टिहरी, 20 अक्टूबर । टिहरी जिले में आयोजित 50वें सिद्धपीठ श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का सोमवार शाम रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ समापन हो गया। अंतिम सांस्कृतिक संध्या में पद्मश्री प्रीतम भरतवाण ने पारंपरिक ढोल-दमाऊ की थाप पर मां नंदा के जागर और अपने लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मेले के समापन की घोषणा की।
भरतवाण और उनकी टीम ने ‘माता कुंजापुरी माता’, ‘नारैणी मेरी दुर्गा भवानी’, ‘शिव संध्या’, ‘सुंदर छोरी स्यों पक्या तुम्हारा’ और ‘हम कुशल छौं माजी’ सहित कई गीत प्रस्तुत किए। उनकी प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने उत्साह के साथ तालियां बजाईं।
इस दौरान स्थानीय बच्चों ने झौंरा, छपेली और गढ़वाली गीतों पर समूह नृत्य प्रस्तुत किए। बच्चों ने लोकगीत गाने के साथ पारंपरिक वाद्ययंत्र भी बजाए। उनकी प्रस्तुतियों की दर्शकों ने सराहना की। मुख्य अतिथि और मेला समिति की ओर से प्रतिभावान बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
उनियाल ने कहा कि किसी बड़े आयोजन की सफलता केवल धन पर निर्भर नहीं करती, बल्कि इसके लिए आपसी समन्वय, समर्पण और सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने मेले के आयोजन में सहयोग देने वाले अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों का आभार जताया।
मेले के तहत कबड्डी, वॉलीबॉल और एथलेटिक्स सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। मुख्य अतिथि ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और विजेता टीमों को सम्मानित किया। मेला समिति के अध्यक्ष एवं पालिकाध्यक्ष राजेंद्र विक्रम सिंह पंवार ने आयोजन में सहयोग देने वाले समिति पदाधिकारियों और सदस्यों का आभार जताया।










