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आईसीसी की आचार संहिता तोड़ने पर रोवमैन पॉवेल और शेरफेन रदरफोर्ड को फटकार

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर । वेस्टइंडीज के खिलाड़ी रोवमैन पॉवेल और शेरफेन रदरफोर्ड को भारत के खिलाफ दूसरे पुरुष टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की आचार संहिता के उल्लंघन के लिए आधिकारिक रूप से फटकार लगाई गई है। रांची में शुक्रवार को खेले गए मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों पर आचार संहिता के लेवल-1 उल्लंघन का आरोप साबित हुआ। इसके साथ ही दोनों के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक-एक डिमेरिट अंक भी जोड़ा गया है।

पॉवेल पर आईसीसी की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.2 के उल्लंघन का आरोप लगा, जो अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान क्रिकेट उपकरण, कपड़ों, मैदान के उपकरणों या अन्य सुविधाओं के दुरुपयोग से संबंधित है। इसी तरह रदरफोर्ड को अंपायर के फैसले पर असहमति जताने से संबंधित अनुच्छेद 2.8 के उल्लंघन का दोषी पाया गया।

वेस्टइंडीज की पारी के छठे ओवर में मयंक यादव की गेंद पर बोल्ड होने के बाद पॉवेल ने अपने बल्ले से गेंद को दूर मारा। आईसीसी ने इसे क्रिकेट उपकरण के दुरुपयोग से जुड़ा उल्लंघन माना।

रदरफोर्ड का मामला पारी के 13वें ओवर का है। वह एक ऐसी गेंद को वाइड मान रहे थे, जिसे अंपायर ने वैध करार दिया। फैसले से असहमति जताते हुए उन्होंने अंपायर पर आक्रामक तरीके से चिल्लाया, जिसके कारण उन पर कार्रवाई की गई।

पॉवेल और रदरफोर्ड ने अपने-अपने उल्लंघन स्वीकार कर लिए और आईसीसी अंतरराष्ट्रीय मैच रेफरी पैनल के प्रवीण भट्ट की ओर से प्रस्तावित सजा को स्वीकार कर लिया। इसलिए मामले में औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी।

दोनों खिलाड़ियों के लिए पिछले 24 महीनों में यह आचार संहिता का पहला उल्लंघन था। मैदान पर मौजूद अंपायर जयरामन मदनगोपाल और रोहन पंडित, तीसरे अंपायर नितिन मेनन तथा चौथे अंपायर वीरेंद्र शर्मा ने दोनों खिलाड़ियों के खिलाफ आरोप लगाए थे।

आईसीसी की आचार संहिता के लेवल-1 उल्लंघन के लिए न्यूनतम सजा आधिकारिक फटकार है। अधिकतम सजा खिलाड़ी की मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना और एक या दो डिमेरिट अंक हो सकते हैं।