अनूपपुर: मां नर्मदा उद्गम में शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती का प्रथम आगमन, हाेगे विविध अनुष्ठान
अनूपपुर, 03 अक्टूबर । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित मां नर्मदा उद्गम स्थली में शनिवार को पश्चिमाम्नाय द्वारका-शारदा पीठाधीश्वर अनंत श्री विभूषित 1008 परमपूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज का शंकराचार्य पद पर आसीन होने के पश्चात प्रथम आगमन हुआ। जगद्गुरु के नगर आगमन से संत समाज, साधु-संतों और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह का वातावरण दिखाई दिया।
जगद्गुरु शंकराचार्य जी महाराज के नगर प्रवेश के दौरान विभिन्न आश्रमों एवं धार्मिक संस्थानों के संत-महात्माओं ने मार्ग में पहुंचकर आत्मीय स्वागत-अभिनंदन किया। रामकृष्ण कुटीर आश्रम, धारकुंडी आश्रम के प्रमुख लवलीन महाराज, रामकृष्ण कुटीर आश्रम के प्रमुख स्वामी विश्वातमानंद जी महाराज, कामदगिरि आश्रम के प्रमुख स्वामी अखिलेश्वर दास जी महाराज, झूलेलाल मंदिर के प्रमुख राजेश आजाद तथा गुम्मा घाटी आश्रम के ब्रह्मचारी प्रवीण ने जगद्गुरु शंकराचार्य जी का श्रद्धाभाव से स्वागत किया।
कल्याण सेवा आश्रम के सामने प्रबंध न्यासी स्वामी हिमाद्री मुनि महाराज के साथ स्वामी जगदीशनंद महाराज, स्वामी धर्मानंद जी महाराज, स्वामी रामेश्वर नंद जी महाराज, स्वामी नर्मदानंद जी महाराज सहित संत मंडल ने जगद्गुरु का आत्मीय अभिनंदन किया। शांति कुटी आश्रम के प्रमुख महामंडलेश्वर स्वामी रामभूषण दास जी महाराज ने आश्रमवासियों के साथ जगद्गुरु शंकराचार्य जी का श्रद्धापूर्वक अभिनंदन किया। वहीं मृत्युंजय आश्रम के व्यवस्थापक पंडित योगेश दुबे ने आश्रम के संतों के साथ उनका स्वागत किया।
जगद्गुरु के प्रथम नगर आगमन पर अग्निपीठ अखाड़ा मार्कंडेय आश्रम के प्रमुख आचार्य महामंडलेश्वर ब्रह्मर्षि स्वामी रामकृष्णानंद जी महाराज कबीरबांधा से शंकराचार्य आश्रम तक पूरे समय उनके साथ रहे। उन्होंने नगर में जगद्गुरु की अगवानी करते हुए आश्रम तक साथ रहकर स्वागत किया।
शंकराचार्य आश्रम पहुंचने पर आश्रम के व्यवस्थापक ब्रह्मचारी स्वामी नर्मदानंद जी महाराज ने संतों एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज का विधिवत स्वागत-अभिनंदन किया। उनके अमरकंटक प्रवास के दौरान पादुका पूजन, ललिता सहस्रनाम पाठ, रुद्राभिषेक तथा मां नर्मदा पूजन सहित विविध धार्मिक एवं आध्यात्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे।
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज का अमरकंटक में प्रथम नगर आगमन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष अवसर माना जा रहा है। मां नर्मदा के उद्गम स्थल पर उनके सान्निध्य में होने वाले पूजन, अनुष्ठान और सत्संग से पवित्र नगरी की सनातन साधना परंपरा को नई आध्यात्मिक ऊर्जा मिलने की अनुभूति संत समाज और श्रद्धालुओं में दिखाई दी।
इस अवसर पर परम धर्म संसद श्रीधर शर्मा, पंडित रामनरेश शास्त्री , नगर परिषद अध्यक्ष पार्वती सिंह, पार्षद विमला दुबे, श्यामलाल सेन, हरि सिंह, नर्मदा मंदिर के पुजारी रूपेश द्विवेदी, संदीप जोशी, राधेश्याम उपाध्याय, लखन झरिया,पत्रकार श्रवण उपाध्याय, उमाशंकर पांडे, संजय श्रीवास, विपुल बर्मन, गिरजा शंकर पांडे एवं धनंजय तिवारी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।









