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प्रसव के दौरान महिला और गर्भस्थ शिशु की मौत, अस्पताल में हंगामा

अजमेर, 03 अक्टूबर(हि.सं.)। अलवर गेट थाना क्षेत्र स्थित होली फैमिली हॉस्पिटल में गर्भवती महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत के बाद शनिवार को परिजनों और रिश्तेदारों ने हंगामा कर दिया। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टर एच.एस. दुआ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। सूचना पर अलवर गेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश कर मामला शांत कराया।

रामनगर निवासी पूजा गुर्जर (26) पत्नी मनोज की 1 अक्टूबर को इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों के अनुसार पूजा की करीब दो वर्ष पहले शादी हुई थी। गर्भ ठहरने के बाद से उसका चेकअप और इलाज होली फैमिली हॉस्पिटल में डॉ. दुआ की देखरेख में चल रहा था।

परिजनों का आरोप है कि 30 सितंबर को प्रसव के लिए पूजा को होली फैमिली हॉस्पिटल लाया गया था। लेबर रूम में अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसका बीपी काफी बढ़ गया। परिजनों के अनुसार इसके बाद डॉक्टर ने उसे तत्काल दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी। परिजन पूजा को लेकर दूसरे बड़े निजी अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने आपात कालीन वार्ड में प्रसूता के जीवन रक्षा संबंधित सभी प्रयास किए। अस्पताल पहुंचने से पहले ही गर्भ में बच्चे की मौत होने की अवस्था में आपरेशन से बच्चे को बाहर निकाला गया। प्रसूता को अत्यंत ही नाजुक अवस्था में कृत्रिम श्वास के साथ उपचार दिया गया। किंतु पूजा की भी मौत हो गई।

मृतका की बड़ी बहन संजू गुर्जर ने आरोप लगाया कि पूजा घर से स्वस्थ अवस्था में अस्पताल गई थी। लेबर रूम में अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और बीपी बढ़ने के बाद वह बेसुध हो गई। संजू ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि अस्पताल में ऐसी गंभीर स्थिति से निपटने की पर्याप्त सुविधा नहीं थी तो गर्भावस्था के दौरान पूजा का इलाज वहां क्यों किया जा रहा था। परिजनों ने डॉक्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने डॉक्टर की प्रैक्टिस पर रोक लगाने तथा अस्पताल प्रशासन के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग रखी।

शनिवार को सुबह बड़ी संख्या में परिजन और रिश्तेदार अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर एवं अस्पताल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। परिजनों ने लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। पूर्व पार्षद नरेश सारवान, कांग्रेस नेता मनीष सेन और मुकेश टेलर पीड़ितों के समर्थन में मौके पर पहुंचे थे इसके बाद अस्पताल प्रशासन द्वारा डॉ. दुआ के कथित लापरवाही के संबंध में जांच किए जाने पर सहमति व्यक्त की गई।

हंगामे की सूचना मिलने पर अलवर गेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाया और मामला शांत कराया। फिलहाल परिजनों की ओर से लगाए गए लापरवाही के आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। मौत के वास्तविक कारण और इलाज में किस प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।