मुख्यमंत्री धामी ने सुनी समस्याएं,जरूरतमंदों को तत्काल सहायता के निर्देश
देहरादून, 24 अगस्त । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान लोगों ने जनसमस्याओं के साथ क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषय और सुझाव भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखे।
मुख्यमंत्री ने समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का समयबद्ध निस्तारण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। शासन और प्रशासन के सभी स्तरों पर यह सुनिश्चित किया जाए कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े। जनहित से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई की जाए।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने दिव्यांग कुलदीप की समस्या भी सुनी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ ट्राईसाइकिल देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरतमंद लोगों को समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री से राज्य कर मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन, प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ, सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसाइटी उत्तराखंड, आबकारी उपनिरीक्षक संघ, श्री कल्प केदार मंदिर समिति, देवभूमि पूर्व सैनिक कल्याण समिति तथा हरिद्वार के विभिन्न शिष्टमंडलों और प्रतिनिधिमंडलों ने भी भेंट की। प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों, समस्याओं और सुझावों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने संबंधित विषयों पर अधिकारियों को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनसंवाद के माध्यम से जनता की समस्याओं के समाधान और जनभावनाओं के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सरकार का प्रयास है कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरलता और समयबद्धता के साथ पहुंचे।
इस अवसर पर विधायक महंत दिलीप रावत, किशोर उपाध्याय, अनिल नौटियाल, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, जे.सी. कांडपाल सहित मुख्यमंत्री कार्यालय के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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