dashpur-became-immersed-in-dev

सावन के अंतिम सोमवार शिवमय हुआ दशपुर, शाही रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले बाबा पशुपतिनाथ

मंदसौर, 24 अगस्त । सावन के अंतिम सोमवार को मंदसौर यानी प्राचीन दशपुर नगरी भगवान पशुपतिनाथ की भक्ति में सराबोर नजर आई। भगवान पशुपतिनाथ की रजत प्रतिमा को भव्य शाही रथ पर विराजमान कर नगर भ्रमण कराया गया। शाही सवारी के दर्शन के लिए मंदसौर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सवारी के मार्ग पर एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के उमड़ने से शहर की सड़कें भक्तों से खचाखच भरी रहीं। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर बाबा का स्वागत किया गया और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा शहर गूंजता रहा।

1996 से चली आ रही शाही सवारी की परंपरा

भगवान पशुपतिनाथ की शाही सवारी निकालने की परंपरा वर्ष 1996 से निरंतर चली आ रही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन के अंतिम सोमवार को भगवान पशुपतिनाथ मंदिर से निकलकर नगर भ्रमण करते हैं और अपने भक्तों को दर्शन देते हैं। इसी परंपरा के तहत इस वर्ष भी भव्य आयोजन किया गया। सवारी को लेकर श्रद्धालुओं में सुबह से ही खासा उत्साह दिखाई दिया।

26 झांकियां और ढोल दल रहे आकर्षण का केंद्र

शाही सवारी में इस बार 26 झांकियां, विभिन्न राज्यों से आए ढोल दल, अखाड़े और धार्मिक प्रस्तुतियां शामिल रहीं। शाही पालकी, बैंड, अखाड़ा, चलित भजन संध्या, महादेव स्वरूप झांकी, धार की नगाड़ा पार्टी, राधा-कृष्ण महारास लीला और राम दरबार ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया।

इसके अलावा पंजाबी ढोल, नालछा माता मंदिर की झांकी, महाकाल स्वरूप पालकी, केरल की कथककली प्रस्तुति, तिरुपति बालाजी दर्शन एवं झांकी, मुंबई की ढोल पार्टी, बैंजो पार्टी और महाकाल पालकी के साथ पैदल ढोल भी सवारी का हिस्सा रहे।

गुजरात और नासिक के ढोल दल, श्मशान अघोरी झांकी, महाकाल गर्भगृह महाआरती का चित्रण, महिला कलश, मंदसौर के ढोल, डमरू मंडल की युवतियों का दल और मातृशक्ति गरबा नृत्य ने भी सवारी की भव्यता बढ़ाई। भगवान पशुपतिनाथ महादेव का राजसी रथ, ओखा बावजी का रथ और स्वच्छता मिशन से जुड़ी झांकी भी शामिल रही।

सवारी मार्ग पर उमड़ा जनसैलाब

भगवान पशुपतिनाथ की शाही सवारी पशुपतिनाथ मंदिर से प्रारंभ हुई। सवारी बरगुंडा मोहल्ला, केशव सत्संग भवन रोड, खानपुरा, मंडी गेट, सदर बाजार, धानमंडी, बड़ा चौक, गणपति चौक, शुक्ला चौक, सांखला भवन, कालाखेत मेन रोड और मेघदूत होटल मार्ग से होते हुए नेहरू बस स्टैंड पहुंची।

इसके बाद सवारी कालीदास मार्ग, घंटाघर, सदर बाजार और मंडी गेट होते हुए पुन: भगवान पशुपतिनाथ मंदिर पहुंची।

जगह-जगह पुष्पवर्षा कर किया स्वागत

शाही सवारी के दर्शन के लिए मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में श्रद्धालु जमा रहे। लोगों ने भगवान पशुपतिनाथ की रजत प्रतिमा के दर्शन किए और पुष्पवर्षा कर सवारी का स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव के जयकारे लगाए। भीड़ के कारण मंदसौर शहर का पूरा वातावरण शिवमय नजर आया।

स्वामी मणिमहेश चैतन्य ने कहा कि सावन का अंतिम सोमवार देशभर में भक्ति का विशेष वातावरण लेकर आया है। भक्त पूरे वर्ष भगवान के दर्शन के लिए मंदिर जाते हैं, लेकिन इस दिन भगवान स्वयं नगर भ्रमण पर निकलकर अपने भक्तों को दर्शन देते हैं। उन्होंने बताया कि प्रात:कालीन आरती मंडल के तत्वावधान में शाही सवारी का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।