शिमला में चिट्टा तस्करी के दो मामलों में दोषियों को सजा
शिमला, 03 अगस्त । शिमला में चिट्टा तस्करी से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में अदालत ने दोषियों को सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश शिमला ने दोनों मामलों में आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कठोर कारावास और जुर्माना लगाया है। पुलिस का कहना है कि यह फैसला विवेचना और अदालत में प्रभावी पैरवी के आधार पर आया है।
पुलिस के अनुसार पहला मामला 7 दिसंबर 2022 का है। उस समय पुलिस थाना बालूगंज शिमला की टीम ने दिल्ली निवासी इस्लाम पुत्र इसरार के कब्जे से 20 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया था। मामले की जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश, शिमला ने आरोपी को दो वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने आदेश दिया है कि जुर्माना जमा नहीं करने पर आरोपी को दो महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
दूसरा मामला 1 जुलाई 2022 का है। पुलिस थाना बालूगंज शिमला ने शिमला निवासी 34 वर्षीय सुरेश उर्फ चंदर पुत्र नंदू के कब्जे से 10.5 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आरोपी को 18 महीने के कठोर कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को दो महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने सोमवार को बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी।









