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मुख्यमंत्री के नेतृत्व में देश के पहले आरईई एक्सप्लोरेशन लाइसेंस का निष्पादन

जयपुर, 29 जुलाई । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व व मार्गदर्शन में राज्य के खान एवं भूविज्ञान विभाग ने रेयर अर्थ एलिमेंट एवं एसोसिएटेड खनिज के देश के पहले अन्वेषण अनुज्ञापत्र (एक्सप्लोरेशन लाइसेंस) की संविदा निष्पादन कर आरईई खोज की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है। मुख्यमंत्री स्वयं खान मंत्री भी हैं और उनके मार्गदर्शन में राज्य के माइनिंग सेक्टर में नित नए इतिहास रचे जा रहे हैं। मेजर मिनरल ब्लॉकों की नीलामी में भी राजस्थान पूरे देश में पहले पायदान पर है।

राजस्थान देश का पहला प्रदेश है जहां आरईई खोज के लिए एक्सप्लोरेशन लाइसेंस जारी किया गया है। वर्ष 2024 में क्रिटिकल और स्ट्रेटेजिक मिनरलों के खोज व खनन कार्य को गति देने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा नीलामी आरंभ की गई और वर्ष 2025 में पहले चरण में देश में एक्सप्लोरेशन लाइसेंस के लिए नीलामी शुरु हुई। पहले चरण की नीलामी में केन्द्र सरकार द्वारा बालोतरा व जोधपुर के नवातला-देवीगढ़ तहसील पचपदरा और शेरगढ़ के 207.63 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में आरईई-एसोसिएटेड मिनरलाइजेशन की सफल नीलामी की गई। यहां लैंथेनम, सीरियम, प्रजोडायमियम, नियोडिमियम आदि रेयर अर्थ एलिमेंट के संकेत हैं। नीलामी में मैसर्स सेन्ट्रल माईन एण्ड डिजाईन इंस्टीट्यूट लि. के सफल रहने पर राज्य सरकार द्वारा एक्सप्लोरेशन लाइसेंस की स्वीकृति जारी की गई।

खान विभाग द्वारा मैसर्स सेन्ट्रल माईन प्लानिंग एण्ड डिजाईन इंस्टीट्यूट लि. के साथ संविदा निष्पादन की गई। इस अवसर पर निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा, अतिरिक्त निदेशक मुख्यालय महेश माथुर और मैसर्स सेन्ट्रल माईन प्लानिंग एण्ड डिजाईन इंस्टीट्यूट के विभागाध्यक्ष बिजनस डवलपमेंट विक्रान्त गुप्ता व वरिष्ठ अधिकारियों ने संविदा निष्पादित की। मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश पर देश के प्रथम आरईई एक्सप्लोरेशन लाइसेंस का निष्पादन राज्य की माइनिंग सेक्टर के प्रति प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण उदाहरण है। साथ ही, यह भारत के खनिज अन्वेषण क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है।

अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस अपर्णा अरोरा ने बताया कि इस उपलब्धि के साथ राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया है, जिसके द्वारा नीलाम किये गये एक्सप्लोरेशन लाइसेंस ब्लॉक का निष्पादन किया गया है। रेयर अर्थ एलिमेंट आधुनिक प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रिक वाहन, रक्षा, अंतरिक्ष, अक्षय ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं दूरसंचार जैसे रणनीतिक क्षेत्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण खनिज है। इस ब्लॉक के निष्पादन से इन महत्वपूर्ण खनिजों के वैज्ञानिक अन्वेषण को गति मिलने के साथ ही निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा देश की क्रिटिकल मिनरल सुरक्षा एवं आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को नई मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार खनिज क्षेत्र में पारदर्शी, निवेश-अनुकूल एवं आधुनिक खनिज प्रशासन विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।